Post Office vs SBI RD Interest Rate: पोस्ट ऑफिस की पांच साल की आरडी पर निवेशकों को 6.5 फीसद ब्याज मिल रहा है। जबकि एसबीआई द्वारा आरडी पर सामान्य निवेशकों को 6.50 फीसदी से लेकर 7.00 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 7.00 से लेकर 7.50 फीसदी तक का ब्याज मिल रहा है। एसबीआई में एक साल से लेकर 10 साल तक आरडी करा सकते हैं।
पोस्ट आफिस की रिकरिंग डिपॉजिट यानी आरडी (RD) सुरक्षित निवेश के सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है। इसमें म्यूचुअल फंड एसआईपी की तरह हर माह किस्त जमा करने की जरूरत नहीं है। ये किस्त आरडी शुरू करने के दौरान तय हो जाती है। चुनी हुई अवधि के मुताबिक मैच्योरिटी पर पूरा पैसा ब्याज सहित मिल जाता है। जब आरडी कराने की बात आती है तो लोग देश के बड़े बैंक एसबीआई (SBI) और पोस्ट ऑफिस (Post Office) को ही अधिक वरीयता देते हैं। पोस्ट ऑफिस और एसबीआई की आरडी की ब्याज दरों की तुलना निवेशक करते हैं। दोनों में से किसमें निवेशकों को अधिक ब्याज मिलती है। यह जानना जरूरी है।
SBI की RD पर ब्याज दर
एसबीआई की ओर से एक से लेकर 10 साल तक की आरडी कराई जा सकती है। कोई भी व्यक्ति 100 रुपए प्रति माह से इसमें निवेश की शुरुआत कर सकता है और 10 के गुणज में इसमें निवेश को बढ़ा सकता है। एसबीआई की तरफ से सामान्य निवेशकों को 6.50 फीसदी से लेकर 7.00 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 7.00 फीसदी से लेकर 7.50 फीसदी ब्याज दी जा रही है।
SBI RD पर ताजा ब्याज दर
1 साल से लेकर 2 साल से कम आरडी पर सामान्य निवेशकों को 6.80 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 7.30 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है।
2 साल से लेकर 3 साल से कम की आरडी पर सामान्य निवेशकों को 7.00 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 7.50 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
3 साल से लेकर 5 साल से कम आरडी पर सामान्य निवेशकों को 6.50 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 7.00 फीसदी ब्याज मिलता है।
5 साल से लेकर 10 साल तक आरडी पर सामान्य निवेशकों को 6.50 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 7.50 फीसदी ब्याज मिलता है।
Post Office आरडी पर ब्याज दर
पोस्ट ऑफिस आरडी 5 साल की मैच्योरिटी के साथ आती है। इसमें 100 रुपए से निवेश शुरू किया जा सकता है और 10 के गुणज में इसे बढ़ा सकते हैं। पोस्ट ऑफिस आरडी में वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज नहीं दिया जाता है। पोस्ट ऑफिस आरडी में 6.5 फीसदी ब्याज मिलता है।
पोस्ट ऑफिस आरडी
आरडी पर मिलने वाली ब्याज पर 10 फीसदी का टीडीएस लगता है। हालांकि, ये उस दौरान ही लागू होता है, जब आरडी पर ब्याज 10,000 रुपए से अधिक है।

