नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते इस बार आईपीएल का आयोजन यूएई में कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार यूएई के एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड को बीसीसीआई ने आईपीएल के आयोजन के लिए मोड़ी रकम अदा की है। दरअसल जब महामारी के चलते जब आईपीएल का यह सीजन पानी में जा रहा था और इसके आयोजन की उम्मीदें तकरीबन खत्म हो चुकी थी तो यूएई का क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई की मदद के लिए आगे आया था और आईपीएल के आयोजन में उसने बासीसीआई की मदद की ताकि यूएई में आईपीएल का सफल आयोजन हो सके।
अगर आईपीएल का यह सीजन रद्द होता तो बीसीसीआई को 400 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। लेकिन मुश्किल समय में यूएई क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई की मदद की और तमाम मुश्किलों के बावजूद आईपीएल का सफल आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान एक भी खिलाड़ी या इस आयोजन में शामिल व्यक्ति कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ। हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत में चेन्नई सुपर किंग्स के 13 सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। लेकिन इसके बाद कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं हुआ और आईपीएल का सफल आयोजन हुआ।
एक रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई ने इसीबी को आईपीएल का आयोजन कराने के लिए 100 करोड़ रुपए की मोटी रकम अदा की थी। रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल का दुबई, शारजाह, अबू धाबी में आयोजन कराने के लिए 14 मिलियन डॉलर की राशि का भुगतान किया था। यह राशि वास्तविक लगती है क्योंकि अगर भारत में इसका आयोजन होता तो 60 मैचों के लिए तकरीबन 60 करोड़ रुपए का खर्च होता।
नए नियम के अनुसार स्टेट असोसिएशन को एक मैच के आयोजन के लिए एक करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। बीसीसीआई ने हाल ही में मैच के आयोजन के लिए फीस की राशि को बढ़ा दिया, अब टीमों को एक मैच के लिए 30-50 लाख रुपए की फीस देनी होती है। नियम के अनुसार बोर्ड यह चाहता था कि फ्रेंचाइजी जो मैच फीस दें तकरीबन उतना ही स्टेट असोसिएशन को मिले और स्टेट असोसिएशन एक करोड़ रुपए तक की कमाई करे। आईपीएल के लिए यूएई को ना सिर्फ 100 करोड़ रुपए की राशि मिली बल्कि इसके अलावा 14 फाइव स्टार होटल तीन महीने तक के लिए पूरी तरह से बुक थे, तमाम अलग-अलग बिजनेस बूस्ट भी यूएई को आईपीएल के चलते मिला।

