अमित बिश्नोई
टी 20 विश्व कप में हार का असर अब दिखने लगा है, BCCI ने इसके लिए बलि का बकरा ढूंढ लिया और आज उस बकरे की बलि भी चढ़ा दी. दरअसल बोर्ड ने सीनियर सेलेक्शन कमेटी को बर्खास्त कर दिया है. सेलेक्शन कमिटी की अगुवाई पूर्व क्रिकेटर चेतन शर्मा कर रहे थे, इसके अलावा हरविंदर सिंह, सुनील जोशी और देबाशीष मोहंती चयनकर्ता के रूप में उनके साथ काम कर रहे थे. सेलेक्शन कमिटी को बर्खास्त करने का मतलब बोर्ड ने खिलाडियों को शायद माफ़ कर दिया और सारा दोष चयनकर्ताओं पर मढ़ दिया.
इस बात की सम्भावना तो पहले से ही की जा रही थी कि फाइनल में टीम इंडिया के न पहुँचने के लिए बोर्ड को किसे ज़िम्मेदार ठहराएगी, अनुमान तो पहले ही था कि चयनकर्ता बोर्ड के लिए एक आसान चारा हो सकते है और हुआ भी कुछ वैसा ही. हालाँकि ख़राब प्रदर्शन के ज़िम्मेदार तो खिलाडी भी हैं, कप्तान रोहित, उपकप्तान राहुल ने पूरे टूर्नामेंट में टीम को किस तरह की शुरुआत दी यह सबको मालूम है. मीडिया में चल रही खबर को अगर सच माने तो टीम मीटिंग में एक मिडिल आर्डर बल्लेबाज़ ने सलामी बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन पर सवाल उठाया था कि आप लोग टीम को अच्छा स्टार्ट क्यों नहीं दे रहे हो. अश्विन ने अभी कल ही तमिल में दिए गए इंटरव्यू में बताया कि कहाँ पर गलत हो रहा था, समझदार को इशारा काफी है, अश्विन का इशारा किधर था यह भी सबको मालूम है, तो क्या सेलेक्टर्स की तरह इन बड़े नामों पर भी बोर्ड कोई कार्रवाई करेगा, क्या उनको टीम से हटाने की हिम्मत कर सकता है.
कहा जा रहा कि चेतन शर्मा के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम 2021 के टी20 विश्वकप के नॉकआउट चरण से बाहर हो गयी। इसके अलावा टेस्ट विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में भी टीम को हार मिली थी। लेकिन सवाल यह है कि 2021 हो या फिर 2022, बोर्ड क्या यह बताएगा कि चयनकर्ताओं ने किन किन खिलाडियों को गलत चुना, और जिन खिलाडियों को गलत चुना तो क्या उन्हें टीम से हटाया जायेगा। क्या बोर्ड इसका विश्लेषण करेगा कि 2021 हो या फिर 2022 किन खिलाडियों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया और किन लोगों को 2021 में खराब प्रदर्शन के बावजूद 2022 में कंन्टीन्यु किया गया. क्या सेलेक्टर्स की इतनी हैसियत थी कि 2021 में खराब प्रदर्शन के बावजूद रोहित, राहुल और भुवनेश्वर को 2022 में फिर क्यों मौका मिला। इस बात की क्या गारंटी है कि अगली सिलेक्शन कमेटी जो टीम चुनेगी उसमें कोई सिफारिश नहीं होगी, कोई दबाव नहीं होगा, कोई पसंद नापसंद की बात नहीं होगी। टीम अगर जीते तो खिलाडियों की वाह वाह और हारे तो टीम के लिए 15 खिलाडी चुनने वाले ज़िम्मेदार.
