देवबंद। दारूल उलूम में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे एक बांग्लादेशी को देर रात एटीएस ने दबोचा है। पकड़ा गया युवक बांग्लादेशी है और वह पिछले सात साल से देवबंद दारूल उलूम में रह रहा था। बताया जाता है कि वह फर्जी दस्तावेजों पर किसी मदरसे में रहकर पढ़ रहा था। इस बारे में एटीएस अधिकारी ने कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी है। दारुल उलूम से गिरफ्तार युवक पाकिस्तान में ट्रेनिंग कर चुका है।
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एटीएस ने देर रात देवबंद के दारूल उलूम में छापा मारकर संदिग्ध बांग्लादेशी को पकड़ लिया। बताया जाता है कि पकड़े गए बांग्लादेशी युवक का नाम तलहा है। वह पिछले सात साल से फर्जी आईडी के सहारे मदरसे में तालीम हासिल कर रहा था। वहीं यह भी बताया जाता है कि एटीएस ने जिस बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया, वह दारुल उलूम का छात्र है। दारुल उलूम प्रबंधन की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। संस्थान ने छापामार कार्रवाई से भी मना किया है। कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक ने बताया कि संस्था से किसी तरह की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। फिलहाल एटीएस संदिग्ध युवक से पूछताछ कर रही है। सूत्रों की माने तो उसके पास से
संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं।
बांग्लादेश निवासी युवक फर्जी कागजों के सहारे दारूल उलूम में प्रवेश लेकर रह रहा था। गिरफ्तार यह युवक पाकिस्तान में ट्रेनिंग ले चुका है। आज तड़के गिरफ्त में आए इस युवक से पूछताछ जारी है। युवक की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की भनक पर एटीएस सक्रिय हो गई। युवक के पास से मिले फर्जी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
