नई दिल्ली। गेहूं के निर्यात पर सरकार ने पिछले महीने मई में प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद सरकार अब गेहूं आटे के आउटबाउंड शिपमेंट के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार ने इसके अनुमोदन को अमल में लाने का फैसला किया है। गेहूं आटे के निर्यातकों को अब आटे के शिपमेंट के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति की मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद ही आटे का निर्यात कर सकेंगे। बिना अंतर-मंत्रालयी समिति के निर्यात पर रोक रहेगी। नए नियम 12 जुलाई से मान्य हो जाएंगे।
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डीजीएफटी की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा है कि गेहूं आटे के निर्यात की छूट मिलेगी लेकिन इसके लिए अंतर-मंत्रालयी समिति की सिफारिश बहुत जरूरी होगी। इस नए अनुमोदन ढांचे के तहत तय प्रावधान गेहूं का आटा, साबूत आटा, मैदा, सैमोलिना और अन्य तरह के आटा निर्यात पर लागू होगा। नोटिफिकेशन में कहा है कि गेहूं के आटे की गुणवत्ता के संबंध में दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। डीजीएफटी की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा है नए निर्देश 12 जुलाई से लागू होगे इसी के साथ 6 से 12 जुलाई के बीच सिर्फ उन्हीं कंसाइनमेंट्स को एक्सपोर्ट की मंजूरी मिलेगी, जो या तो शिप पर लोड किए जा चुके हैं या फिर कस्टम को हैंडओवर हो चुके हैं। इसके अलावा इस समय के बीच के जो कंसाइनमेंट होंगे उन्हें रोक दिया जाएगा।
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बता दें कि कुछ दिनों से देश से आटा के निर्यात में तेजी के कारण से घरेलू बाजार में इसकी कीमतें बढ़ती जा रही हैं। बढ़ती कीमत पर नियंत्रण और खपत स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से आटा निर्यात के नियमों को सख्त करने का फैसला लिया है।
