रामपुर। सपा विधायक आजम खान मोहम्मद के खिलाफ भाजपा प्रवक्ता द्वारा की गई टिप्पणी से आहत हैं। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद के लिए कितनी बड़ी तहरीक चलाई लेकिन हमने किसी हिंदू देवी-देवता के खिलाफ तौहीन का लफ्ज नहीं कहा। हमने यदि ऐसा कुछ कहा तो कोई बता दे या दिखा दे। पूरे परिवार के साथ रामपुर छोड़ दूंगा और कभी यहां पर दोबारा शक्ल नहीं दिखाऊंगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उनका दीन इमान किसी दूसरे मजहब की तौहीन करने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि नबी को क्या कुछ नहीं कहा गया। नबी ने कभी इंतकाम नहीं लिया। नबी ने कहा या अल्लाह इन्हें माफ करो। ये नादान हैं। ये नहीं जानते इनको इन्हें अक्ल दे।
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रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी आसिम राजा के समर्थन में आजम खां ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उस बदनसीब का साथ मत दो। उसे नसीब पर छोड़ दो। रसूल की शान बहुत बड़ी है। शहर, रिश्ते को उसी तरह जोड़कर रखो, जितना 1942 से जोड़कर रखा है। रामपुर में हिंदू-मुसलमान के बीच कभी झगड़ा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कैसा भयानक कोरोना हुआ था, लेकिन मैं वापस लौटकर आया तो तुम्हारे लिए। मैं आज तुम्हारी मोहब्बतों का कर्जदार हूं। मुझकों मारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन मेरे कत्ल का इल्जाम नहीं लेना चाहते थे।
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उनका मंसूबा यही था कि सीतापुर जेल से तीन जनाजे निकलेंगे। उन्होंने नवाबों और अंग्रेजों के दौर को याद किया। उसने हमारे साथ जो किया वो साजिश आज भी जारी है। तुम्हारी तबाही बर्बादी के मंसूबे तैयार होते हैं। ऐसे लोगों को कामयाब मत होने देना। मेरे ऊपर जब पहला मुकदमा हुआ तो मैं कुछ कर सकता था। उसके बाद मुझे बकरी चोर,भैंस चोर, डकैती, किताब चोर जाने इल्जाम लगाए गए। बेटा दो साल जेल में रहा, बीबी एक साल तक रहीं आखिर किसकी खातिर।ये सब रामपुर की जनता का साथ देने के एवज में मिला हमको।

