अयोध्या। अयोध्या में 21 से 23 अक्तूबर तक दीपोत्सव आयोजन किया जाएगा। अयोध्या के इस दीपोत्सव आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर है। प्रशासन आयोजन को यादगार बनाने के लिए तैयारी कर रहा है। इस बार दीपोत्सव में रामनगरी को 16 लाख दीयों से जगमगाने का लक्ष्य रखा है।
आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए अजय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि दीपोत्सव पर 16 लाख दीये जलाए जाएंगे। अभी तक करीब चार लाख दीयों का इंतजाम किया गया है। इन 16 लाख दीयों को 18 हजार वॉलंटियर्स जलाएंगे। जिनमें करीब 2000 शिक्षक भी शामिल होंगे। इन 16 लाख दीयों को अयोध्या के कुल 38 घाटों पर जलाया जाएगा। दीपोत्सव पर कुल 16 लाख दीये जलाए जलाने का लक्ष्य रखा है।
दीपोत्सव के लिए रामजन्मभूमि परिसर को सजाने का काम गत रविवार से शुरू हो चुका है। इस बार दीपोत्सव में रामजन्मभूमि की भव्यता पूरे विश्व के लिए ही आकर्षण का केंद्र होगी। देश की प्रमुख लोककलाओं के दर्शन यहां होंगे। जिसमें वरली,अवधी,मिथिला, मधुबनी की चित्रकारी से रामजन्मभूमि के गर्भगृह की भव्यता में इजाफा होगा।
इस क्रम में सरयू तट पर लता मंगेशकर चौक का लोकार्पण 27 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही किया है। रामजन्मभूमि परिसर को अलौकिक रूप देने की कवायद अब रविवार से शुरू हो चुकी है। इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी आशीष मिश्र को को दी गई है। आशीष ने बताया कि राममंदिर के अस्थायी गर्भगृह में इस बार भारतीय लोक कलाओं के दर्शन होंगे।
