अवध क्वीर प्राइड वॉक (Awadh Queer Pride Walk ) में नजर आया LGBTQ समुदाय का संतरंगी रंग
Zeba Hasan
लखनऊ। Awadh Queer Pride Walk– हमें गर्व है अपने वजूद पर, ऊपर वाले ने हमें जैसा बनाया, उस जिंदगी को पाकर हम खुश हैं लेकिन लोग क्यों हमें समाज का हिस्सा नहीं मानते। क्यों हमें अलग नजरिए से देखा जाता है। ऐसे ही कई सवाल थे लेसबियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर ( LGBTQ) क्वीर कम्यूनिटी की जुबान पर। रविवार को दैनिक जागरण चौराहे से शुरु हुई इस प्राइड वॉक (Pride Walk ) में कई रंग देखने को मिले। शहर ही नहीं शहर के बाहर से आए कम्यूनिटी मेंम्बर्स संतरंगी झंडे लिए थे। हाथों में स्लोगन थे जो यह कहना चाहते थे कि वह भी समाज का एक हिस्सा हैं, उन्हें भी बराबरी का दर्जा मिले।

हमें भी ऊपर वाले ने ही बनाया है
आम लड़कियों की तरह किसी लड़के के साथ नहीं बल्कि पार्टनर के रूप में एक लड़की की ख्वाहिश रखने वाली लखनऊ के बाहर से इस वॉक में शामिल होने आई मेघा कहती हैं कि कई बार मुझे डिस्क्रिमिनेशन क सामना करना पड़ा है। आखिर इतना भेदभाव क्यों किया जाता है हमारे साथ। हम अपनी मर्जी से शादी नहीं कर सकते। हम ब्लड डोनेट नहीं कर सकते। हम बच्चा गोद नहीं ले सकते ह तमसे यह अधिकार इसलिए नहीं दिए गए क्योंकि हमारा बिहेवियर ऊपर वाले ने अलग बनाया है। हम इस Pride Walk के जरिए अपने अधिकारों की मांग करना चाहते हैं। हम बताना चाहते हैं कि हम भी दूसरे लोगों की तरह ही हैं।

इनके अंदाज को देखने रुक गए लोग
दैनिक जागरण चौराहे से शुरू हुई यह वॉक (Pride Walk ) देर शाम हजरतगंज जीपीओ पहुंची। इस बीच पूरे रास्ते सजे धजे लड़के लड़कियां डांस कर रहे थे, कोई गाना गा रहा था तो कोई स्लोगन लहरा रहा था। इस Pride Walk के आर्गनाइजर दरवेश कहते हैं कि वॉक में करीब ढाई हजार लोग थे। कोई मुम्बई से आया कोई दिल्ली, बनारस, कोलकाता, जयपुर देश के कई कोने से लोग इस वॉक में शामिल होने के लिए लिए आए थे। हम जहां भी रुकते थे गुजरे वाले लोग भी रुक जाते थे। सभी ने पॉजटिव रेस्पांस दिया। वह जानना चाह रहे थे कि हम कौन है और यह क्यों कर रहे हैं। पिछले पांच साल से हम यह प्राइड वॉक (Pride Walk) कर रहे हैं और इस बार यह छटा संस्करण है।

तारा मारा प्रेम छे, सेम छे
इस प्राइड वॉक (Pride Walk) में शामिल होने आए लव कहते हैं कि अगर कोई लड़का लड़की से प्यार करे तो ठीक लेकिन हम अगर आपसी मर्जी से सेम सेक्स के साथ प्यार निभाना चाहते हैं तो वह गलत क्यों है। इसलिए आज हमने इस वॉक में नारा लगाया कि तारा मारा प्रेम छे, सेम छे । इस (Pride Walk ) के जरिए हम समाज में फैले हर गैरबराबरी, अमानवता, घृणा और शोषण के विरुद्ध विरोध जताते हैं।यहां हमने उन्हें श्रद्धांजलि भी दी जिन्होंने हम जैसे थे औरसमाज में आजादी और अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहे और आज हमारे बीच नहीं हैं। हमने उस नई पीढ़ी के लिए भी आवाज उठाई जो अपनी पहचान से जूझ रहे हैं। खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं और गुमनाम जिंदगी जीने के लिए मजबूर हैं। हमें क्यों स्वीकार करने में लोग हिचकते हैं। हम चाहते हैं कि हम जैसे हैं समाज हमें वैसे ही स्वीकार करे।

