गुजरात में केजरीवाल को अपने घर डिनर कराने वाला तो मोदी जी का भक्त निकला और उसने केजरीवाल को खाने की दावत उनसे इम्प्रेस होकर नहीं बल्कि संघ के कहने पर दी थी. ऑटो ड्राइवर के इस खुलासे से तो बड़ी सियासी साज़िश का पर्दाफाश हुआ है. क्या गुजरात की राजनीती से कांग्रेस पार्टी को बाहर करने के लिए संघ की यह साज़िश थी और क्या इसमें केजरीवाल भी शामिल हैं क्योंकि उस ऑटो ड्राइवर के घर जाने की ज़िद में सड़क पर पुलिस अधिकारी के साथ केजरीवाल ने जो बहसबाज़ी की थी वह क्या इसी नाटक का एक हिस्सा थी.
दरअसल इस राज़ का खुलासा ऐसे हुआ कि जिस ऑटो ड्राइवर विक्रम दातानी के घर केजरीवाल ने जाकर डिनर किया था वो मोदी जी की रैली में नज़र आया. लोगों ने उसे पहचान लिया, मीडिया वाले भी मौजूद थे, सवाल हुआ कि तुम मोदी जी की रैली में क्या कर रहे हो, जवाब था कि मैं तो उनका बहुत बड़ा फैन हूँ. अगला सवाल तो फिर केजरीवाल को अपने घर खाने पर क्यों बुलाया? अब इस सवाल पर उसने जो जवाब दिया वह बड़ा चुकाने वाला था. ऑटो रिक्शा वाले ने कहा मैंने ऑटो यूनियन संघ के कहने पर किया था.
ऑटो ड्राइवर ने यह भी कहा कि वो मोदी जी का शुरू से प्रशंसक हैं और उन्हें ही वोट देगा. बता दें कि AAP के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार राज्य के दौरे कर रहे हैं. इसी कड़ी में अपने पिछले दौरे में उन्होंने ऑटो-रिक्शा चालकों की एक सभा को भी संबोधित किया था. इसी सभा में एक ऑटो ड्राइवर ने केजरीवाल को अपने घर रात के खाने के लिए आमंत्रित किया था. केजरीवाल ऑटो ड्राइवर के घर जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए रोक लिया, बीच सड़क पर ही केजरीवाल ने लगभग आधे घंटे पुलिस अधिकारी से बहस की, हालाँकि बाद में केजरीवाल ने उस ऑटो रिक्शा वाले के घर जाकर डिनर किया। केजरीवाल तो उसे अपना फैन मानकर बड़े खुश थे मगर वह तो मोदी जी का फैन निकला।
