भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच सिडनी के मैदान पर खेला जा रहा है, जहां पर मैच के तीसरे दिन काफी विवाद देखने को मिला। मैच के तीसरे जब भारतीय टीम गेंदबाजी कर रही थी तो कुछ ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों ने लगातार दूसरे दिन तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पर नस्लीय टिप्पणी की, जिसके बाद भारतीय खेमे ने अंपायर से शिकायत की और इन दर्शकों को स्टेडियम से बाहर कर दिया गया।
तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद जब इसको लेकर ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर से बात की गई तो उन्होंने इस घटना को शर्मनाक करार देते हुए कहा कि लोगों को इसके प्रति जानकारी देने की जरूरत है।
नस्लीय टिप्पणी की घटना सामने आने के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय खिलाड़ियों से इस व्यवहार के लिये माफी मांगी है। इस बारे में बात करते हुए लैंगर ने कहा कि मुझे लगता है कि ऐसी घटनाओं में तभी सुधार आ सकता है जब वो इसको लेकर शिक्षित किये जायेंगे।
उन्होंने कहा,’पिछले कुछ समय में मैंने ऑस्ट्रेलिया के इतिहास को लेकर कुछ किताबें पढ़ी और इसमें बनी कई तस्वीरें देखी। यह पढ़ने के बाद दुख हुआ कि हमारा इतिहास ही नस्लवाद से भरा रहा है और शिक्षित होने के बावजूद हम लोग इस चीज से उबर नहीं पा रहे हैं। जब आप अपने इतिहास को पढ़ते हैं तो आपको पता चलता है कि आखिरकार नस्लवाद इतना पीड़ादायक क्यों है। मेरे लिये यह घटना हताशा भरी और निराशाजनक है। मुझे इस बात से नफरत है कि लोग पैसे खर्च कर स्टेडियम में मैच का लुत्फ उठाने आते हैं और सोचते हैं कि वो गालियों या फिर ऐसी आपत्तिजनक बातों का इस्तेमाल कर सकते हैं। मैं एक खिलाड़ी के रूप में इससे नफरत करता था और कोच के रूप में आज भी नफरत करता हूं। दुनिया के अन्य भाग में इस तरह की घटनायें अक्सर सामने आती रहती हैं लेकिन जब ऐसा कुछ अपने देश में होता है तो दुख होता है।’

