मेरठ। बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिद्दीन (जेएमबी) अपनी जड़े जमा रहा है। एटीएस ने इस संगठन के आठ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। चौकाने वाली बात है गिरफ्तार किए गए इन आठ आतंकियों में से चार का कनेक्शन पश्चिमी उप्र के सहानपुर जिले से है। चारों संदिग्ध आतंकी इसी जिले के रहने वाले हैं। सभी से एटीएस की टीम पूछताछ कर रही है। बताया जाता है कि एटीएस की टीम ने मेरठ में भी गुपचुप तरीके से छापेमारी की थी। लेकिन कुछ खास हाथ नहीं लगा है। पिछले महीने भी एटीएस और आईबी की टीम ने पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसमें दर्जनों संदिग्ध हिरासत में लिए गए थे। पीएफआई की बढ़ती गतिविधियों को देख केंद्र सरकार की ओर से प्रतिबंध लगा दिया गया था। उस दौरान भी पकड़े गए पीएफआई के संदिग्ध कार्यकर्ताओं से पूछताछ में जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) का नाम सामने आया था। पीएफआई पर प्रतिबंध के बाद जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) पर खुफिया एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
बता दें कि जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) आतंकी संगठन से जुड़े लोग अलकायदा के संपर्क में भी रहते हैं। अलकायदा पिछले काफी समय में भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। सहारनपुर और देवबंद से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आंतकियों के संबंध अलकायदा से भी थे। सहारपुर से जिन चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, ये सभी आतंकी कट्ठरपंथी विचारधारा के लोगों को खुद से जोड़ने के साथ उनको जिहाद के लिए भी प्रेरित करते थे।
एटीएस की ये कार्रवाई पिछले तीन दिन से चल रही थी। इसमें स्थानीय पुलिस की कोई मदद नहीं ली गई थी। जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) का नेटवर्क पश्चिमी उप्र में तेजी से अपनी जड़े जमा रहा है। खासकर ये संगठन संप्रदाय विशेष की घनी आबादी के बीच पैठ बनाकर वहां के बेरोजगार युवकों को जोड़कर संगठन की चेन को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। जमात उल मुजाहिद्दीन बेराजगार युवकों को आर्थिक मदद के साथ ही उनको रोजगार में भी मदद करता है। जिससे युवा वर्ग काफी संख्या में इस आतंकी संगठन से जुड़ रहे हैं। हालांकि पहले इस आतंकी संगठन के मंसूबों के बारे में युवकों को पता नहीं चल पाता। लेकिन जब तक हकीकत पता चलती है काफी देर हो चुकी होती है। जमात उल मुजाहिद्दीन अपना आतंकी नेटवर्क इसी तरह से मजबूत कर रहा है। पकड़े गए आतंकियों में कारी मुख्तयार निवासी गांव मनोहरपुर कोतवाली सदर बाजार,लुकमान निवासी गांव सय्यद माजरा थाना गागलहेड़ी, मोहम्मद अलीम निवासी गांव कैलाशपुर थाना गागलहेड़ी सहारनपुर, कामिल निवासी निवासी गांव जाहीरपुरा कोतवाली देवबंद के रहने वाले हैं।
इनके अलावा शहजाद निवासी शामली, मुदस्सिर निवासी नगला इमरती जनपद हरिद्वार उत्तराखंड़, अलीनूर, नवाजिश अंसारी निवासी झारखंड़ को भी गिरफ्तार किया गया है। जिनसे एटीएस पूछताछ कर रही है। इनके पास से मोबाइल, दर्जनों सिम और पेन ड्राइव बरामद हुई है।
यूपी एटीएस ने चार आतंकियों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया था। कुछ दिन पहले गिरफ्तार आतंकी अब्दुल तल्हा और नवाजिश ने इन चारों आतंकियों को तैयार किया था। चारों अतंराष्ट्रीय आतंकी संगठन अलकायदा और जमात-उल-मुजाहिदीन से जुड़े हुए हैं। इस सभी को वेस्ट यूपी में बड़ा आतंकी नेटवर्क खड़ा करने का लक्ष्य दिया गया था।
आतंकी लुकमान के परिवार में पिता, पत्नी और उसके सात बच्चे हैं। लुकमान सैयद माजरा गांव में दारे अरकम नाम से एक मदरसा चलाता है।
बताया जाता है कि लुकमान के मदरसे में संदिग्ध लोग आते थे। वह देर रात तक कारी मुख्तार, कामिल, अलीम के साथ मदरसे में बैठक किया करता था। बेरोजगार युवाओं को तलाशा जा रहा था। इनके संपर्क में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, शामली के कई युवक थे। आतंक फैलाने के इरादे से पिछले तीन सालों से शहजाद बांग्लादेशी आतंकी संगठन के संपर्क में था।
