मेरठ। रालोद ने इस बार 2017 के विधानसभा चुनाव (UP Election Result) से अच्छा प्रदर्शन करते हुए पश्चिमी उप्र में 8 सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें मुजफ्फरनगर की तीन विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। जहां पर रालोद ने भाजपा के दिग्गज नेताओं को धूल चटाई है। पश्चिमी उप्र में मेरठ और मुजफ्फरनगर को गन्ना बेल्ट माना जाता है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में रालोद का प्रदर्शन काफी लचर रहा था। रालोद 2017 में मात्र एक सीट बागपत की छपरौली ही जीत पाई थी। जबकि अन्य स्थानों पर उसकी बुरी दुर्गत हुई थी। इस बार रालोद को सपा का साथ मिला तो उसमें संजीवनी आ गई। जिसका परिणाम 8 सीट जीत के रूप में सबसे सामने है। लेकिन अपने गढ़ बागपत में रालोद को मुंह की खानी पड़ी रालोद को बागपत में बस एक ही सीट मिली वह है छपरौली।
जबकि दो सीट बागपत और बड़ौत में भाजपा के उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल रहे। वैसे गठबंधन ने पश्चिमी उप्र में भाजपा को जोरदार झटका दिया हैं यहां पर भाजपा के कई विधायक अपनी सीट गंव बैठे हैं ।जिसमें दिग्गज भाजपा नेता और योगी कैबिनेट (Yogi Cabinet) में गन्ना मंत्री रहे सुरेश राएाा अपनी ही गन्ना बेल्ट में चुनाव हार गए। वहीं बुढाना से भाजपा विधायक उमेश मलिक भी रालोद के हाथों परास्त हुए। मेरठ के सिवाल खास में भी भाजपा का कमल नहीं खिला। यहां पर भी रालोद का हैडपंप चला। इसके अलावा चरथावल, पुरकाजी, मीरापुर, शामली,थानाभवन और हाथरस में रालोद के प्रत्याशी जीत हासिल करने में कामयाब रहे है।

