लखनऊ। भाजपा के बागियों का स्वागत करते हुए अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर खूब वार किये। उन्होंने कहा कि बाबा मुख्यमंत्री क्रिकेट खेलना नहीं जानते हैं, अगर वह क्रिकेट खेलना भी जानते हैं तो उन्हें नहीं पता होगा कि उनका कैच छूट चुका है। स्वामी प्रसाद मौर्या जिसके साथ जाते हैं उसकी सरकार बनती है। इस बार हमारे साथ हैं और उनके साथ बड़ी संख्या में लोग आए हैं। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह आज ही गोरखपुर चले गए हैं। हालांकि किसी ने 11 मार्च को उनका टिकट कराया था लेकिन वह आप लोगों को देखकर आ रही गोरखपुर चले गए हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी और अंबेडकरवादी लोग मिलकर आक्रोश का साथ लेंगे और गठबंधन को जिताएंगे। जनता बदलाव के लिए बैठी है और परिवर्तन चाहती है। उन्होंने कहा कि यहां नौजवान आए थे अपना सम्मान मांगने लेकिन उनको लाठी मारी गई। उनको अपमानित किया गया। अखिलेश ने कहा कि जैसे ही स्वामी प्रसाद मौर्य हमारे साथ आए उनको पता नहीं किस जमाने का वारंट जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जो लोग हमारे साथ आ रहे सबको परेशान किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में डिजिटल इंडिया में गड़बड़ी पाई गई है। छापा मारने वाली बात को कौन भूल सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आ गया है और साइकिल का हैंडल भी ठीक है और दोनों पहिए भी ठीक हैं और पैडल चलाने वाले कितने नौजवान साथी यहां पर आए हुए हैं। अब इस रफ्तार को कोई नहीं रोक सकता है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि जब समाजवादी और अंबेडकरवादी साथ आ गए हैं तो कोई भी नहीं रोक सकता है। कई मौकों पर गुमराह किया गया, कई मौकों पर नफरत फैलाई गई और कभी-कभी आरोप लगाने का काम हुआ। उन्होंने कहा कि लैटरल एंट्री पर भारतीय जनता पार्टी बात नहीं करती है। कई ऐसे फैसले भारतीय जनता पार्टी ने लिए हैं जिस पर कभी सोचा नहीं गया था। उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि सेमीफाइनल का चुनाव है। लेकिन मैं कह रहा हूं यह फाइनल का चुनाव है। हमने आपने देखा है कि बच्चा अगर कमजोर हो पढ़ाई में तो पूरा परिवार उसकी पढ़ाई लिखाई में जुट जाता है। परीक्षा देने जाता है तो उसमें भी परिवार सहयोग में जुट जाता है। वैसे ही यूपी में बाबा मुख्यमंत्री फेल हो चुके हैं जितने भी दिल्ली वाले आ जाएं अब ये पास होने वाले नहीं हैं। अब इनका सूपड़ा साफ होगा। इस बार तो बीजेपी वाले ऐसा हिट विकेट हुए कि हमारे तमाम नेताओं की स्ट्रेटेजी ही नहीं समझ पाए। अगर स्ट्रेटजी समझ गए होते तो पता नहीं क्या करते। लोग ना जाने कौन से डैमेज कंट्रोल में लग जाते हैं और खुशी इस बात की है कि इस बार पत्रकार साथियों को भी पता नहीं लगा।
उन्होंने कहा कि अब यह पत्रकार साथी सब अपने साथ आ चुके हैं और कोई खिलाफ नहीं है। सब साथ आ गए हैं अपने और ना केवल हम लोग हटाना चाहते हैं बल्कि यह पत्रकार साथी भी हटाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मौके पर मैं कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहता हूं, एक-एक नेता को धन्यवाद कहना चाहता हूं, यहां पर कई साथी ऐसे हैं जिनको मैं कई दिनों से देख रहा हूं, मैं जानता हूं कि यहां पर बहुत बड़ी संख्या में लोग हैं, यह वह लोग हैं जो जब जाएंगे अपने गांव मोहल्ले में तो साइकिल को नहीं भूलेंगे। साइकिल की रफ्तार को बनाए रखेंगे। हमने सोचा नहीं था कि चुनाव ऐसा भी होगा। यह जो वर्चुअल नाम हो गया। यह सही है कि वर्चुअल डिजिटल में भी चीजों को हम लोग जानते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग डिजिटल और वर्चुअल चलेंगे तो हम समाजवादी लोग डिजिटल, वर्चुअल और फिजिकल भी चलेंगे। उन्होंने कहा कि किसी ने सोचा भी नहीं था कि पाबंदी लग जाएगी।
चुनाव आयोग के जो भी नियम हैं उसका पालन करेंगे। कोरोना के नियमों का पालन करेंगे। इस मौके पर हम फिजिकल मुकाबला भी करेंगे। अखिलेश ने कहा कि किसी ने भी नहीं सोचा था कि कल क्या हो जाएगा। किसी ने नहीं सोचा था कि छापा पड़ेगा। किसी ने नहीं सोचा था कि मौर्या जी अपनी पूरी टीम के साथ आ जाएंगे। उन्होंने मनोबल बढ़ाने का काम किया है और गिनती में बड़ी संख्या में लोग हैं। अभी तक तो वहां स्टूल मिलता था किसी को, उस स्टूल वाले का क्या होगा। इसलिए जो 11 तारीख को जाना था वह आज ही चले गए। मैं एक-एक विधायक पूर्व विधायक मंत्री का धन्यवाद देना चाहता हूं कार्यकर्ताओं का स्वागत करता हू।
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कमाल खान को दी श्रद्धांजलि
अखिलेश ने कहा कि वरिष्ठ और सुलझे हुए पत्रकार कमाल खान हमारे बीच नहीं हैं। वह किसी घटना के बारे में जिस तरीके से जानकारी देते थे, उस तरह से शायद बहुत कम ऐसे पत्रकार हैं। जितने सलीके से अपनी बात रखते थे, वह उर्दू के साथ हिंदी के भी बहुत अच्छे जानकार थे और किस शेर को किस मौके पर कहा जाए, वह उस हुनर को जानते थे। आज कमाल खान हमारे बीच में नहीं है उसका हमें बहुत बड़ा दुख है। हम उनके परिवार के साथ दुख की घड़ी में खड़े हैं।

