मुग़लकालीन ऐतिहासिक इमारतों पर हिन्दू संगठनों द्वारा किये जा रहे दावों के बीच खबर मिल रही है कि कुतुबमीनार परिसर की ASI खुदाई करने जा रहा है, इसी के साथ ही संस्कृति मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक स्तम्भ में मूर्तियों की Iconography कराने के भी निर्देश जारी किये हैं। यह खुदाई कुतुबमीनार परिसर में बनी मस्जिद के पास में की जाएगी।
सरकार की ओर से इस बारे में निर्देश मिलने पर संस्कृति सचिव ने ASI के अधिकारीयों और रिसर्चर्स की टीम के साथ क़ुतुब मीनार परिसर का निरीक्षण किया और खुदाई कराने का निर्णय लिया। ASI के अधिकारीयों के मुताबिक यह खुदाई इस लिए की जा रही है क्योंकि रिसर्च का कुछ काम पेंडिंग है, आखरी बार यहाँ 1991 में खुदाई की गयी थी, तब से यह काम अधूरा पड़ा हुआ है।
बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद का मामला उठने के बाद अभी कुछ ही दिन पहले हिन्दू संगठनों ने कुतुबमीनार में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। हिन्दू संगठन क़ुतुबमीनार को विष्णु स्तम्भ बताते हैं। इन हिन्दू संगठनों की मांग है कि सरकार इसका नाम विष्णु स्तम्भ रख दे। हिन्दू संगठनों का मानना है कि मुग़ल शासक कुतबुद्दीन ऐबक ने इसे हिन्दुओं से छीना है। क़ुतुब मीनार में मोररटियों का विवाद भी काफी पुराना है, आरोप है कि इन मूर्तियों को सही स्थान पर नहीं रखा गया है।
Also read: धर्म स्थलों के मुद्दे उठाकर धार्मिक भावनाएं भड़का रही है भाजपा: मायावती

