मास्क गो, कोरोना रिटर्न

आर्टिकल/इंटरव्यूमास्क गो, कोरोना रिटर्न

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मास्क गो, कोरोना रिटर्न

  • नवेद शिकोह
मास्क गो, कोरोना रिटर्न

सरकार डिजिटल मीडिया की लगाम अब अपने हाथ में रखेगी। केन्द्र सरकार ने सोशल मीडिया इत्यादि के लिए नये नियम क़ानून जारी किए हैं। बीते बृहस्पतिवार को ये खबर सामने आने और इसी दिन सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए एक झूठी खबर द्वारा अफवाह फेलायी गई। यूपी पुलिस द्वारा मास्क चैकिंग अभियान की झूठी खबर वायरल कर सोशल मीडिया ने अपना विकृत चेहरा दिखाकर ये साबित कर दिया कि डिजिटल मीडिया/सोशल मीडिया पर सरकार की लगाम लगाना सचमुच बहुत ज़रूरी है।

अफवाह या खूठी खबर चला कर लोगों को भ्रमित करना अपराध है। यदि कोई सोशल मीडिया में ऐसे खबर चलाकर लोगों को गुमराह करे तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती है। दिलचस्प बात ये है कि यदि पुलिस से जुड़ी ही कोई झूठी खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो तो पुलिस का त्वरित एक्शन मे आना स्वाभाविक है। जब ये झूठी खबर चली कि पुलिस मास्क चेकिंग अभियान चला रही है तब पुलिस ने इस खबर को झूठा बताते हुए कहा कि ऐसी भ्रामक खबर फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही होगी।

काश पुलिस द्वारा मास्क चैकिंग अभियान की झूठी खबर सच होती। कोरोना एक बार फिर करवट ले रहा है और दुर्भाग्य कि पब्लिक ने मास्क जैसी ज़रुरी सावधानियों को भुला दिया है। काश एक बार फिर कोरोना से बचाव के लिए पुलिस सख्त होती। लोग पुनः जागरूक होते और कोरोना के खतरों को महसूस करते। ये खतरनाक वायरस देश दुनिया के लिए कितना घातक साबित हुआ इसे हम नहीं भुला सकते हैं। भले ही अच्छा समय आ गया हो पर बुरे समय के अनुभव को महसूस करते रहना चाहिए है।

कोरोना काल का लगभग एक वर्ष गुजरने वाला है। मौजूदा मौसम कुछ याद दिला रहा है। सामान्य तापमान से राहत देने वाला फागुन का खुशनुमा मौसम डरा भी रहा है। मार्च मे ही भारत मे कोविड 19 (कोरोना वायरस) ने अपने पैर जमाना शुरू किए थे। करीब आठ-दस महीने तक जीवन को अस्तव्यस्त कर देने वाले कोरोना से कुछ राहत मिली ही थी कि फिर इसका खतरा मंडराने लगा है। एक वर्ष बाद फिर इसके पलटने के आसार डरा रहे हैं। कोरोना केसेज़ जो लगभग शून्य की तरफ बढ़ रहे थे अब फिर इसके नंबर धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।

भारत में अपनी मनहूस पैदाइश का बर्थडे सेलीब्रेट करने के लिए कोरोना एक बार भी आहट दे रहा है। सरकारें भी इस बात को स्वीकार कर रही हैं। हम सब को होशियार हो जाना चाहिए है। फिर से एहतियातें बरतें और लापरवाही ना करें।

दो ग़ज की दूरी-मास्क है ज़रूरी, जैसी सावधानियों को सख्ती से अपनाएं। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। हम यूपी की बात करें तो एक अनुमान के मुताबिक करीब दस प्रतिशत लोग ही मास्क के सही इस्तेमाल की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बीस प्रतिशत लोग मास्क को ठुड्डी पर लटकाए हैं और इसे सही ढंग से नहीं लगाते। यानी इससे नाक और मुंह नहीं ढक रहे। तीस प्रतिशत लोग अपनी जेब, अपनी गाड़ी, अपने झोले या कहीं और मास्क को लेकर चल रहे। ताकि यदि कहीं मास्क की अनिवार्यता को लेकर सख्ती हो तो मास्क निकाल कर लगा लें। और चालीस प्रतिशत लोग मास्क को बिल्कुल ही भुला चुके हैं। जबकि यदि कोरोना पूरी तरह खत्म भी हो जाता तब भी मास्क लगाने का सिलसिला बदस्तूर रहता तो भी क्या हर्ज था !

यदि सब लोग हमेशा के लिए मास्क लगाने की आदत डाल लेते तो इसे कोरोना काल का सकारात्मक अनुभव माना जाता। सब जानते हैं कि मास्क सिर्फ कोरोना वायरस के बचाव के लिए ही नहीं ये दूसरे किटाणुओं, थूक/छींक की अदृश्य बूंदों, धूल-गर्दे, धुएं,दूषित वायु प्रदूषण इत्यादि से भी बचाता है। गर्मी और जाड़े के सख्त मौसम से बचने के लिए वैसे भी हम किसी प्रकार से कपड़ा बांधते ही हैं। ऐसी में हम योरोप देशों के नागरिकों की तरह सामान्य दिनों मे भी मास्क लगाने की आदत डाल लें तो अच्छा है।

ये किसी भी आयु वर्ग या गरीब-अमीर के लिए असंभव नहीं है। कोरोना काल में एक छोटे कपड़े के टुकड़े को मास्क बनाने का हुनर सब को आ ही गया है। मार्केट में दो रुपए की कीमत तक का मास्क भी उपलब्ध है।

बृहस्पतिवार को मास्क से सम्बंधितएक खबर दिनभर वायरल रही और शाम को यूपी पुलिस ने इस खबर को भ्रामक बताया। झूठी खबर ये थी कि प्रातः नौ बजे से उत्तर प्रदेश के सभी थाना क्षेत्रों में मास्क चेकिंग का 30 दिनों का अभियान चलाया जाएगा। सभी शहर एंव ग्रामीणवासी मास्क का उपयोग करें और चालान की कार्यवाही से बचें और साथ ही दस घंटे की अस्थाई कारावास (जेल) से भी बचें।

सोशल मीडिया पर वायरल इस झूठी खबर का खंडन करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि ये खबर झूठी और भ्रामक है। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मास्क चेकिंग का 30 दिन का ऐसा कोई भी ऐसा अभियान नहीं चलाया जा रहा है, और न ही ऐसी कोई सूचना प्रसारित की गई है। अतः ऐसी भ्रामक ख़बरों पर ध्यान न दें, जो भी इस प्रकार की भ्रामकता फैलाएगा, उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाएगी।

काश यूपी पुलिस इस झूठ को थोड़ा सच साबित कर दे और एक दिन ही मास्क चैकिंग अभियान चलाया जाए।

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