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अनुच्छेद 370: कश्मीरी नेता सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश

Article 370: Kashmiri leaders disappointed with Supreme Court's decision ​

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आज जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया, फैसले में केंद्र सरकार के फैसले को सही माना गया और उसे बरक़रार रखा गया. सुप्रीम के इस फैसले पर अब विपक्ष के नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं. जम्मू कश्मीर के नेताओं PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती नेशनल कॉन्फ्रेंस के सीनियर लीडर उमर अब्दुल्ला ने निराशा जाहिर की है, वहीँ जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष अब्दुल गनी ने फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है जबकि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फैसले से असंतुष्टि जताई है.

महबूबा मुफ़्ती ने कहा वो न हिम्मत हारी हैं और न ही उम्मीद छोड़ी है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एक मुश्किल पड़ाव बताते हुए पीडीपी प्रमुख ने कहा कि यह मंजिल नहीं है, इसे हमारी हार न समझिये, यह तो देश के धैर्य की हार है. वहीँ जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस लीडर उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराशा जाहिर की है। उम्र अब्दुल्लाह ने कहा है वो फैसले से निराश हैं लेकिन हतोत्साहित नहीं। नेशनल कांफ्रेंस नेता ने कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा।हम लंबी दौड़ लगाने के लिए भी तैयार हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष अब्दुल गनी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हमें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ न्याय करेगा, उन्होंने फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट द्वारा जम्मू कश्मीर में अगले साल सितम्बर तक चुनाव कराने के निर्देश पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि केंद्र को जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराकर पूर्ण राज्य का दर्जा भी बहाल करना चाहिए। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करेगी और लोगों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का मौका देगी।

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