कोलकाता। पश्चिम बंगाल शिक्षक घोटाला मामले में आज शुक्रवार को अदालत ने पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब दोनों को आगामी 18 अगस्त को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले भर्ती घोटाला मामले में पार्थ और उनकी करीबी अर्पिता कोलकाता के सिटी सेशन कोर्ट पहुंचे। कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद सुनवाई समाप्त हुई। इसके बाद कोर्ट ने आदेश को सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पार्थ के वकील ने कहा कि अब तक ऐसा कोई व्यक्ति सामने नहीं आया जिसने कहा हो कि पार्थ चटर्जी ने रिश्वत ली है। सीबीआई हो या ईडी किसी के सामने ऐसे आरोप किसी ने नहीं लगाए हैं। कोर्ट में पार्थ के वकील ने कहा कि क्या जांच एजेंसियां ऐसा कोई गवाह पेश कर सकती हैं? पार्थ चटर्जी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। सीबीआई के आरोपों में जरा भी सच्चाई नहीं है।
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पार्थ के वकील ने कोर्ट में कहा कि 22 जुलाई को जब ईडी ने पार्थ के घर पर छापेमारी की। उस वक्त वहां से कुछ बरामद नहीं हुआ। अगर ऐसे व्यक्ति से सवाल करेंगे, जिसका मामले से कोई लेना-देना नहीं तो वह आपको सहयोग कैसे कर सकता है।
वहीं, अर्पिता मुखर्जी की वकील ने कोर्ट में कहा कि उनकी जान को खतरा है। हम उसकी सुरक्षा के लिए एक डिवीजन श्रेणी चाहते हैं। उसके भोजन और पानी की पहले जांच की जानी चाहिए उसके बाद ही उन्हें खाने पीने की चीजें मुहैया कराई जाए। ईडी के वकील ने इस बात का समर्थन किया कि उनकी सुरक्षा को खतरा है, क्योंकि चार से अधिक कैदियों को एक साथ नहीं रखा जा सकता है। इससे पहले आज दोपहर जोका स्थित ईएसआई अस्पताल में पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था। कोर्ट ले जाने से पहले दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईडी हिरासत के दौरान पार्थ चटर्जी का वजन तीन किलो कम हुआ है। इसके साथ ही बताया कि जांच के दौरान उन्होंने आज चाय और बिस्कुट कुछ भी नहीं लिया।

