सेना में भर्ती की नई प्रक्रिया “अग्निपथ योजना” के हिंसक विरोध के बीच अब इस योजना को लेकर वायुसेना प्रमुख और इस योजना को बनाने वाले एडिश्नल सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी सामने आकर आंदोलित युवाओं को समझा रहे हैं कि यह योजना उनके भविष्य के लिए कितनी फायदेमंद है. इन लोगों का कहना है कि हिंसा के बजाय सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को योजना के बारे में सही जानकारी हासिल कर अपनी शंकों को दूर करना चाहिए न कि सड़कों पर अराजकता फैलानी चाहिए।
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वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने शनिवार को गृह और रक्षा मंत्रालय द्वारा रिक्तियों को आरक्षित करने के फैसले का स्वागत करते हुए उसे सरकार का एक सकारात्मक कदम बताया और प्रदर्शनकारी युवाओं से योजना के बारे में सही जानकारी इकट्ठा करने को कहा है. उन्होंने कहा की उन्हें यकीन है कि अभी ऐसी ही कई अन्य घोषणाएं होंगी जिसके बाद आंदोलित युवा निश्चित रूप से शांत हो जाएंगे.
वहीँ अग्निपथ योजना को बनाने वाले एडिश्नल सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने आज एक टीवी चैनल से बातचीत में आंदोलित युवाओं को चेताया कि जो युवा अराजकता फैला रहे हैं उन्हें सेना में भर्ती होने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा क्योंकि आगज़नी करने वालों का सेना में कोई स्थान नहीं। उन्होंने इन हिंसक घटनाओं के पीछे ट्रेनिंग इंस्टिट्यूशन चलाने वालों को ज़िम्मेदार ठहराया, उन्होंने कहा कि इसके पीछे वो लोग भी हैं जो इस तरह की घटनाओं को को बढ़ावा दे रहे हैं, उनका इशारा शायद विपक्षी राजनीतिक दलों की ओर था.
उन्होंने कहा कि सरकार ने एक दिन में यह योजना नहीं बनाई है, इसको लागू करने से पहले सेना के अलावा उद्योग जगत से भी मंत्रणा हुई थी जिन्हें अनुशासित कर्मियों की सबसे ज़्यादा तलाश होती है. बता दें कि रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की है कि अग्निवीर सेना में अपने चार साल के कार्यकाल के अंत में मंत्रालय में होने वाली भर्तियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा।
