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रामभक्तों से 22 जनवरी को अयोध्या न आने, घरों में ज्योति जलाने की अपील

Appeal to Ram devotees not to come to Ayodhya on January 22, but to light lights in their homes

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज अयोध्या पहुंचे। अपने सम्बोधन में उन्होंने रामभक्तों से अपील की कि 22 जनवरी को जिस दिन राम लला विराजेंगे उस दिन अयोध्या में आना सभी के लिए संभव नहीं इसलिए सभी रामभक्त अपने घरों में राम ज्योति जलाये और दीवाली मनाएं। रामभक्त अयोध्या आने का अपना कार्यक्रम 23 जनवरी के बाद बनाये। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि जहाँ साढ़े पांच सौ साल इंतज़ार किया है वहीँ कुछ दिनों का इंतज़ार और सही। उन्होंने कहा कि रामभक्त कभी नहीं चाहेंगे कि प्रभु राम को कोई परेशानी हो।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह अयोध्या पहुंचे। एयरपोर्ट पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री का काफिला पुनर्विकसित अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचा जहाँ प्रधानमंत्री ने दो अमृतभारत एक्सप्रेस और वंदेभारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिकालदर्शी महर्षि वाल्मीकि जी के नाम पर अयोध्या धाम एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण वो ज्ञान मार्ग है, जो हमें प्रभु श्रीराम से जोड़ती है और ये एयरपोर्ट हमें दिव्य-भव्य-नव्य राम मंदिर से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही राज्य में 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्र व राज्‍य सरकार की 46 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

प्रधानमंत्री कहा कि आज पूरी दुनिया 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रही है और मैं भी उतना ही उत्सुक हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में सिर्फ केदार धाम का पुनरुद्धार ही नहीं हुआ है, आज देश में सिर्फ महाकाल महालोक का निर्माण ही नहीं हुआ है, बल्कि हर घर जल पहुँचाया गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि बरसों तक रामलला टेंट में विराजमान थे लेकिन अब राम लला को नहीं बल्कि करोड़ों गरीबों को भी पक्का घर मिला है. उन्होंने कहा कि आज जहाँ तीर्थस्थलों को संवारा जा रहा है वहीं डिजिटल टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी भारत का दबदबा बढ़ा है।

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