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Pakistan: पाकिस्तान के कार्यवाहक PM होंगे अनवर उल हक, राष्ट्रपति अल्वी को भेजी सिफारिश

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Pakistan: पाकिस्तान की सियासी खींचतान के बीच कार्यवाहक प्रधानमंत्री का नाम तय हो गया है। अब पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक होंगे। अनवर उल हक का नाम साल के अंत में होने वाले आम चुनावों की देखरेख के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर तय किया गया है। सर्वसम्मति से अनवर उल हक के नाम पर मुहर लगी है। निवर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विपक्ष के नेता राजा रियाज ने दो दौर के विचार-विमर्श के बाद उनके नाम को अंतिम रूप दिया। नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता राजा रियाज और निवर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बारे में जानकारी दी।

पीएमओ आफिस ने इस बारे में एक बयान जारी किया

पाकिस्तान पीएमओ आफिस ने इस बारे में एक बयान जारी किया। जिसमें कहा कि निवर्तमान पीएम शहबाज़ और नेशनल असेंबली (एनए) में निवर्तमान विपक्षी नेता राजा रियाज ने अनवर उल हक को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त करने के संबंध में राष्ट्रपति अल्वी को सलाह भेजी। बता दें कि अनवर उल हक बलूचिस्तान से संबंध रखते हैं। गौरतलब है कि अनवर-उल-हक काकर बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) से विधायक भी हैं।

राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने एक पत्र में सूचित किया

इससे पहले निवर्तमान प्रधानमंत्री शरीफ और रियाज दोनों को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने एक पत्र में सूचित किया था कि अनुच्छेद 224ए के तहत उन्हें नेशनल असेंबली विघटन के तीन दिनों के भीतर अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए नाम प्रस्तावित करना है। पत्र में राष्ट्रपति अल्वी ने कहा कि, जैसा कि पाकिस्तान संविधान के अनुच्छेद 224 (1ए) में प्रावधान है प्रधानमंत्री और निवर्तमान नेशनल असेंबली में विपक्ष नेता 12 अगस्त से पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति के लिए उपयुक्त व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव कर सकते हैं। राष्ट्रपति के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए शरीफ ने कहा कि वह इसे पाकर निराश हैं। शरीफ ने कहा संविधान में संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली के विघटन बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति को आठ दिन का प्रावधान है।

संविधान के मुताबिक, नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री और निवर्तमान विपक्ष नेता के पास अंतरिम प्रधानमंत्री का नाम तय करने को तीन दिन का समय दिया जाता है। अगर दोनों किसी नाम पर सहमत नहीं होते हैं तो मामला संसदीय समिति के पास भेजते हैं। यदि समिति कोई निर्णय लेने में विफल होती है, तो पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के पास आयोग के साथ साझा किए नामों की सूची से कार्यवाहक प्रधानमंत्री चुनने के लिए दो दिन का समय होगा।

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