बॉलीवुड के नामी निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप पर ‘मीटू’ के गंभीर आरोप लगे हैं। पायल घोष नाम की अदाकारा ने बीते कुछ दिनों पहले ही अनुराग कश्यप पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए सभी को चौंका दिया। पायल घोष ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में अनुराग कश्यप पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए और बाद में उनके खिलाफ रेप जैसे संगीन जुर्म की शिकायत करते हुए पुलिस में केस दर्ज करवा दिया। जिसके बाद बीते दिन मुंबई पुलिस ने अनुराग कश्यप को पूछताछ के लिए बुलाया था। यहां पुलिस ने अनुराग कश्यप से करीब 8 घंटे की लंबी पूछताछ की थी।
घंटों चली इस पूछताछ के बाद निर्देशक अनुराग कश्यप की वकील प्रियंका खिमानी ने एक लंबा बयान जारी किया है। इस बयान के मुताबिक, ‘मिस्टर कश्यप ने गलत कामों के सभी आरोपों से इनकार किया है और उन्होंने अपना बयान दर्ज करा दिया है। इसके अलावा अनुराग कश्यप की ओर से मुहैया कराए गए सभी दस्तावेज इस बात का सबूत हैं कि मिस घोष के आरोप सफेद झूठ हैं। मिस्टर कश्यप ने वो दस्वावेज मुहैया कराए हैं जो इस बात का सबूत हैं कि अनुराग कश्यप साल 2013 में पूरे अगस्त के महीने में श्रीलंका में अपनी एक फिल्म की शूटिंग के लिए गए हुए थे। मिस्टर कश्यप ने साफ इनकार किया है कि ऐसी घटनाएं कभी हुईं ही नहीं है। इसीलिए उन पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।’
बयान में आगे कहा गया है, ‘ऐसे अचानक, सालों पुराने कथित अगस्त 2013 के आरोपों को शिकायतकर्ता ने मिस्टर कश्यप की इमेज खराब करने के मकसद से प्रचारित किए हैं। न्यायपालिका की प्रक्रिया में विश्वास करते हुए मिस्टर कश्यप को भरोसा है कि न सिर्फ उनकी ओर से मुहैया कराए गए दस्तवेजों से बल्कि बार-बार मीडिया के सामने बदलते मिस घोष के बयानों से भी, शिकायतकर्ता का झूठ बेपर्दा हो जाएगा। मिस्टर कश्यप को डर है कि जैसे उनके झूठे आरोप एफआईआर में लिख दिए गए हैं वो जांच प्रक्रिया के दौरान अपने बयानों में भी बदलाव करेंगी।’
इतना ही नही, अनुराग कश्यप ने पायल घोष के खिलाफ ‘क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम’ का बेजा इस्तेमाल करने के लिए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है। बयान में कहा गया है, ‘मिस्टर कश्यप को झूठे और आधारहीन आरोपों से पीड़ा हुई है। उनके परिवार और फैंस पर भी बुरा असर हुआ है। मिस्टर कश्यप तत्परता से सभी कानूनी उपायों को अपनाएंगे जो उनके हक में हो। मिस्टर कश्यप ऐसे सभी आरोपों से इनकार करते हैं जो कथित है और मिस घोष के खिलाफ क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम का बेजा इस्तेमाल करने और मीटू आंदोलन का सहारा अपने गलत इरादों के चलते इस्तेमाल करने की कोशिश के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं। मिस्टर कश्यप को भरोसा है कि सत्य की विजय होगी।’

