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Anti Hijab Protests: हिजाब प्रदर्शन से बिगड़े हालात को देख पश्चिमी देशों ने अपने लोगों से ईरान छोड़ने को कहा

Anti Hijab Protests:

तेहरान। ईरान में हिजाब प्रकरण को लेकर हालात बिगड़ रहे हैं। ईरान में अब सभी शहरों में प्रदर्शन काफी तेज हो गए हैं। ऐसे में पश्चिमी देशों ने अपने लोगों को तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है। इनमें सबसे पहले फ्रांस ने अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ देने को कहा है। पश्चिमी देशों ने ईरान छोड़ने की इसकी दो बड़ी वजह हैं। पहली वजह वहां पर हिजाब को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन हैं। जिसके लिए ईरान अमेरिका और पश्चिमी देशों को जिम्‍मेदार ठहराया जा रहा है। दूसरी वजह ईरान में पश्चिमी देशों के लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर उन्‍हें गिरफ्तार करने का भी डर है। दरअसल, ईरान में दो फ्रांसीसी नागरिकों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद से फ्रांस सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। जिन दो फ्रांसीसियों को ईरान ने गिरफ्तार किया। उन्‍हें एक टीवी चैनल पर अपना अपराध कबूल करते हुए दिखाया है।

फ्रांस ने कहा कि उसके नागरिकों को ईरान में गिरफ्तार किए जाने की आशंका है। इसलिए जितना जल्‍दी हों सभी नागरिक ईरान से बाहर निकल जाएं। फ्रांस ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि उसके नागरिक भले दोहरी नागरिकता रखते हों। लेकिन ईरान में गिरफ्तार किए जाने का डर है। फ्रांस की तरफ से कहा है कि उसे ईरान में अपने नागरिकों के खिलाफ होने वाले ट्रायल पर विश्‍वास नहीं। फ्रांस सरकार के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर एडवाइजरी जारी की गई है।

इसमें ईरान स्थित दूतावासों को आदेश दिया गया कि वो अपने नागरिकों की सभी प्रकार की संभव मदद करें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसमें उन लोगों पर चिंता जताई है जो टूरिस्‍ट वीजा पर ईरान गए हुए हैं। फ्रांस के जिन दो नागरिकों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है उनके नाम Cecile Kohle और Jacques Paris बताए हैं। ईरान का आरोप है कि ये दंपत्ति 11 मई को ईरान आए थे। इस दंपत्ति पर आरोप है कि दोनों ने समाज को अस्थिर करने का काम किया।

फ्रांस-ईरानी शोधकर्ताओं को दो साल पहले से ईरान में हिरासत में लिया है। इनका नाम Fariba Adelkhah और Benjamin Briere बताया है। ईरान की योजना इन्‍हें सजा दिलवाने की है। दोनों को मई 2020 में गिरफ्तार किया था। इनके अलावा पश्चिमी देशों के 20 नागरिक ईरान की जेलों में बंद हैं। राइट ग्रुप्‍स ईरान पर इन लोगों की झूठी गिरफ्तारी को लेकर आरोप लगाता रहा है।

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