Petition For Repeal Worship Act: देश में जैसे जैसे मंदिर-मस्जिद के विवाद बढ़ रहे हैं, उनको लेकर मुक़दमे बढ़ रहे हैं वहीँ उसके साथ साथ उस कानून को रद्द करने या उसमें संशोधन करने की भी मांग बढ़ती जा रही है जिसका सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विवाद में फैसला सुनाते हुए उल्लेख किया था और अब विवादित मामलों में मुस्लिम पक्ष उस एक्ट का बार बार ज़िक्र कर रहा है। जी हां, 1991 में पारित हुए प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट का. इसको लेकर अबतक सात याचिकाएं दायर हो चुकी हैं।
Also read: अब मथुरा ईदगाह को सील करने की मांग
ताज़ी याचिका मशहूर कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर की है जिनकी याचिका के अनुसार यह एक्ट लोगों के धार्मिक अधिकारों का हनन करता है। याचिका में मांग की गयी है कि इस कानून को ख़त्म कर देना चाहिए अन्यथा इसमें संशोधन किया जाना चाहिए ताकि काशी व मथुरा जैसे मामलों में दायर किये गए दावों को देखते हुए इसमें बदलाव हो सके। धर्म स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों के विवाद के बढ़ते मामलों के बीच 1991 का वरशिप एक्ट रद्द करने की मांग को लेकर एक हफ्ते में यह चौथी याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गयी है।
Also read: ज्ञानवापी मामले को धार देने के लिए विहिप हरिद्वार में बनाएगा रणनीति
इससे पूर्व भी जितेंद्रानंद सरस्वती, भाजपा सांसद सुब्रमणियम स्वामी और अश्वनी उपाध्याय भी इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं जिसपर पिछले वर्ष मार्च में सरकार को नोटिस भी जारी हुआ था जिसपर सरकार ने अभी तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया है। वहीँ ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी की जिला अदालत में 30 मई को सुनवाई होगी, अदालत अभी मुस्लिम पक्ष की दलीलों को सुन रही है, इसके बाद हिन्दू पक्ष को सुना जायेगा। 30 मई को ही दोनों पक्षों को कमीशन द्वारा मस्जिद परिसर की कराई गयी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की कॉपी सौंपी जायेगी।
