- IIMT University को रिसर्च एंड इनोवेटिव आईडियाज के लिये नार्दन इंडिया में मिला 21वां स्थान
- मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने की इस उपलब्धि की घोषणा, आईआईएमटी के प्रयासों को सराहा
मेरठ। रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के क्षेत्र में शिखर छू रहे IIMT University ने एक और उपलब्धि हासिल की है। मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय को रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने पर नार्दन इंडिया में 21वां स्थान प्रदान किया है।
IIMT University के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता के निर्देशन में विश्वविद्यालय में रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं।
मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने भी IIMT University द्वारा रिसर्च एंड इनोवेशन के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों की सार्थकता को बल देते हुए पूरे नार्दन इंडिया के 123 संस्थानों में जिन्होंने इस आरएनडी की प्रतियोगिता में भाग लिया था, में 21वां स्थान प्रदान किया है। यह उपलब्धि इसलिये और भी खास है कि एमओयू द्वारा दिये गये अंकों के अनुसार टाॅप थ्री संस्थानों को 5 में से 4 स्टाॅर मिले हैं। वहीं IIMT University ने 5 में से 3.5 स्टार हासिल करने में सफलता पायी है।
IIMT University की इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल विद्यार्थियों को इंक्यूबेशन ऑफ इनोवेटिव आईडियाज, सेटअप फार बिजनेस इक्यूबेशन, एंटरप्रयोरशिप अवेयरनेस एंड ट्रेनिंग तथा इंटलेक्चुअल प्राॅपर्टी राइट्स कंजरवेशन एंड सपोर्ट के विषय पर तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करती है। विवि की आरएनडी सेल विद्यार्थियों को नित नये प्रयोग करने और देश-समाज के हित में शोध करने, प्रोजेक्ट बनाने को प्रेरित करती है।
IIMT University के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता, उपकुलाधिपति श्री अभिनव अग्रवान तथा कुलपति मनोज कुमार मदान ने इस उपलब्धि पर आरएनडी सेल के प्रबंधन और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता ने कहा कि इस उपलब्धि से स्पष्ट है कि IIMT University रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने में सफल रहा है।
कुलाधिपति ने कहा कि देश के विकास के लिये नित नये शोध करना और उनको विकसित कर धरातल पर लाना आवश्यक है। विश्वविद्यालय की आरएनडी सेल का प्रयास रहता है कि वह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य करे और उत्पादों को देश में ही विकसित करने का प्रयास करे। आईआईएमटी द्वारा किसानों से लेकर सेना तक के लिये महत्वपूर्ण प्रोडक्ट बनाये गये हैं जिनकी सराहना पीएम मोदी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कर चुके हैं। आरएडी सेल के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किये गये चार प्रोजेक्ट को पेटेंट कराने के लिये भेजा जा चुका है।
इन उत्पादों में एक संयत्र कूड़े से खाद तैयार करता है और बाजार में उपलब्ध कम्पोस्टरों से आधी कीमत पर लोगों को दिया जा सकता है। विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों के लिये सेनेटाइजर भी विवि के छात्रों द्वारा ही तैयार किया गया था। इस सेनेटाइजर में एल्कोहल के साथ एलोविरा का संयोजन कर एक नया प्रयोग किया गया था जो बेहद सफल रहा।
उपकुलाधिपति अभिनव अग्रवाल ने भी आरएनडी सेल को बधाई देते हुए इनोवेशन के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने को प्रेरित किया। उपकुलाधिपति ने कहा कि IIMT University द्वारा किये जा रहे शोध फाइलों में सीमित रहने की बजाये धरातल पर लाये जाते हैं। आत्मनिर्भर के साथ सशक्त भारत बनाने के लिये रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के क्षेत्र में कार्य करते रहना बेहद आवश्यक है।

