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अंकिता हत्याकांड: 25 लाख की मदद का मरहम

उत्तराखंडअंकिता हत्याकांड: 25 लाख की मदद का मरहम

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अपराध कितना भी घिनावना हो सरकारों की तरफ से बड़ी बड़ी आर्थिक मदद की घोषणा कर उसपर पर्दा डालने की कोशिश अब आम होती जा रही है. आर्थिक मदद की रकम कितनी हो यह इस बात पर तय होता है कि वो घटना सत्ताधारी पार्टी को राजनीतिक रूप से कितना प्रभावित कर सकती। वो घटना सरकार को जितना ज़्यादा प्रभावित करने की क्षमता रखती होगी, पीड़ित परिवार को आर्थिक रूप से दी जाने वाली रकम भी उतनी ही बड़ी होगी। उत्तराखंड की अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी यही हुआ, घटना धीरे धीरे इतना तूल पकड़ गयी कि राज्य की भाजपा सरकार को दूसरी तमाम कार्रवाइयों के साथ पीड़ित परिवार को एक बड़ा आर्थिक सहयोग देने की घोषणा करनी पड़ी.

इस हत्याकांड के खुलासे को दस दिन हो गए हैं और अब मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता के परिवार को 25 लाख रूपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया है. अब यह पता नहीं उनके द्वारा 25 लाख रूपये के रूप में अंकिता के परिवार को दिया जा रहा मदद का यह मरहम अंकिता की हत्या से लगे घावों को कितना भर पायेगा।

बता दें कि यह हत्याकांड अब VIP बन गया है और इसीलिए इतनी त्वरित कार्रवाइयां हो रही हैं. सारा मामला, सारी जांच फ़ास्ट ट्रैक पर होती हुई दिखाई दे रही है. आनन् फानन में SIT भी गठित हो गयी और उसने खुलासे भी करने शुरू कर दिए. कोशिश की जा रही है कि पुलकित आर्य और दूसरे दो लोगों पर एक बेमिसाली कार्रवाई की जाय जो भाजपा के लिए चुनावी तौर पर मददगार भी हो. सरकार द्वारा अदालत से इसीलिए अनुरोध भी किया गया है कि इस मामले को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाय.

वैसे अंकिता के परिवार वाले सरकार की अबतक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं , वो इस मामले की सीबीआई से जांच चाहते हैं, उनका आरोप है कि अंकिता के हत्यारे भाजपा से जुड़े हुए हैं, इसलिए केस को हल्का बनाने की कोशिश हो रही है. अंकिता के परिवार वालों का कहना है कि अंकिता के हत्यारों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा परिवार एक करोड़ की आर्थिक मदद के अलावा एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग कर रहा है, इसके साथ ही उसकी कई और भी मांगें हैं.

बता दें कि वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली अंकिता 18 सितंबर की रात से गायब थी. बाद में पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रिजॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित तीनों ने मिलकर शक्ति नहर में अंकिता को धक्का दे दिया जिससे उसकी मौत हो गयी, हालाँकि पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट में अंकिता के शरीर पर चोटों के निशान भी मिले जिससे यह लगता है कि नहर में धक्का देने से पहले उसके साथ शारीरिक रूप से हिंसा भी की गयी थी.

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