ऋषिकेश। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की के आखिरी पलों की कहानी मात्र दो घंटे 45 मिनट में सिमट कर रह गई। अंकिता को मौत देने वाले भाजपा नेता के पुत्र पुलकित ने अंकिता पर मौत का शिकंजा कसने के लिए इतने ही समय के बीच तानाबाना बुना। रात आठ बजे से लेकर 10ः45 के बीच अंकिता के साथ ऐसे बनते चले गए कि वह मौत के करीब पहुंचती रही। घटनाक्रम के बारे में एसआईटी ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जिसके मुताबिक—
समय: रात 8.00 बजे
– भाजपा नेता पुलकित आर्य, अंकित और सौरभ भास्कर अंकिता भंडारी को घुमाने की बात कहते हुए वनंत्रा रिजार्ट से बाइक और स्कूटी पर निकलते हैं। अंकिता, पुलकित के साथ बाइक पर और अंकित गुप्ता के साथ सौरभ भास्कर स्कूटी पर बैठा था।
समय रात के 8.30 बजे
चारों लोग बैराज पुलिस चेक पोस्ट पर पहुंचते हैं। यहां जंगलात और पुलिस चेक पोस्ट से होते हुए ऋषिकेश की ओर निकलते हैं। यहां सीसीटीवी कैमरों में चारों को साथ जाते हुए देखा जाता है।
समय रात्रि के 9.00 बजे
चारों लोग ऋषिकेश से लौटते समय बैराज स्थित जंगलात चेक पोस्ट और पुलिस चेक पोस्ट से होकर फिर वापस दिखाई देते हैं। चारों सीसीटीवी कैमरों में साफ दिखाई देते हैं।
समय रात 9ः15 से 9ः20 के बीच
इस दौरान चारों कुनाऊं पुलिया के पास रुकते हैं। यहां आरोपियों के मुताबिक उन्होंने शराब पी। इस बीच पुलकित और अंकिता के बीच बहस और हाथापाई हो जाती है। इस दौरान पुलकित, अंकित और सौरभ भास्कर अंकिता को चीला शक्ति नहर में धक्का दे देते हैं। नहर में डूबती हुई अंकिता दो बार ऊपर आती है। लेकिन उसको बचाने की कोशिश इनमें से कोई नहीं करता है।
समय रात 10.30 बजे का
अंकिता को नहर में फेंकने के बाद पुलकित आर्य, अंकित और सौरभ भास्कर रिजॉर्ट पहुंच जाते हैं। अंकित रास्त में पहले फोन कर शेफ मनवीर चैहान को चार लोगों के लिए खाना तैयार करने के लिए कहता है।
समय रात 10.45 बजे का
शेफ मनवीर चैहान ने कहा खाना लग गया। अंकित ने कहा अंकिता की तबीयत खराब है। वह अपने कमरे में चली गई। वह खुद अंकिता का खाना लेकर अंकिता के कमरे में चला जाता है।
19 सितंबर सुबह:
– सुबह पुलकित आर्य अपने कमरे से बाहर चला गया। उसने 8.30 बजे कर्मचारी को अंकिता के कमरे में रखे अपने मोबाइल को चार्जिंग पर लगाने के लिए कहा। कर्मचारी ने बताया कि मोबाइल और अंकिता दोनों कमरे में नहीं है। इसके बाद ही पुलकित ने अंकिता के लापता होने की सूचना पुलिस को दी।
2ः45 मिनट के घटनाक्रम में सिमटी अंकिता के आखिरी पलों की कहानी, पुलकित ने ऐसे कसा मौत का शिकंजा
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