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अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड की बेटी को अंतिम विदाई, अंकिता को याद कर बिलख रही मां

श्रीनगर। अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद कल रविवार को पूरे दिन श्रीनगर में धरने प्रदर्शन और पुलिस से झडपों का दौर चलता रहा। आखिरकर देर शाम उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को नम आंखों से लोगों ने अंतिम विदाई दी। अंकिता की हत्या से आक्रोशित लोगों ने प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद शव को मोर्चरी से बाहर नहीं निकालने दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। कई बार माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।  लोग पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और अंकिता भंडारी के  परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देना की मांग के साथ अंकिता के भाई को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद पिता बीरेंद्र भंडारी ने लोगों से विरोध-प्रदर्शन खत्म करने की अपील की। इसके बाद अंकिता का अंतिम संस्कार हो पाया।

बता दें कि अंकिता के शव को गत शनिवार देर रात मेडिकल कॉलेज श्रीनगर लाया गया था। उसके बाद रविवार को सुबह आठ बजे अंतिम संस्कार होना था। लेकिन सुबह से छात्र और भारी संख्या में स्थानीय लोग मोर्चरी पहुंच गए। डाक बंगले में ठहरे अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम संस्कार की बात कही। इससे प्रशासन की परेशानी बढ़ गई। आक्रोशित लोगों ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोर्चरी के सामने जाम लगा दिया। डीएम और अंकिता के पिता ने लोगों से अपील की। लेकिन बात नहीं बनी। दूसरी तरफ बेटी को याद करके अंकिता की मां बार-बार बेहोश हो रही थी। बेटी को याद कर मां बिलख रही थी। अंकिता की मां के आंख के आंसू सूख गए। इसके बाद भी उसने रोना बंद नहीं किया। महिलाएं उनको समझा रही थीं। लेकिन बेटी की तस्वीर को सीने लगाकर कभी उसको चूंमती को कभी उसको निहारकर रोने लगती थी।

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