महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में अंदरूनी मतभेदों की अटकलों के बीच पार्टी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंगलवार शाम विधायकों की अहम बैठक बुलाई है।
बैठक मुंबई स्थित उनके सरकारी आवास देवगिरी में शाम करीब 7 बजे होने की संभावना है। इसमें पार्टी के विधायक, सांसद और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं।
पार्टी संगठन, वित्त मंत्रालय की मांग, हालिया विधान परिषद चुनावों के नतीजे और नेतृत्व से जुड़े मुद्दे बैठक के प्रमुख विषयों में रहने की संभावना है।
अमित शाह से मिले NCP के छह वरिष्ठ नेता
बैठक से पहले NCP के छह वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, दिलीप वलसे पाटिल और धनंजय मुंडे शामिल थे।
इस मुलाकात में सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार मौजूद नहीं थे, जिससे पार्टी के भीतर नेतृत्व और समन्वय को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं। हालांकि NCP ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व के तहत काम कर रही है।
वित्त मंत्रालय की मांग भी चर्चा में
NCP प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने सोमवार रात कोर कमेटी की बैठक के बाद कहा कि अमित शाह के साथ बातचीत में महाराष्ट्र का वित्त मंत्रालय NCP को वापस देने का मुद्दा उठाया गया था।
यह विभाग लंबे समय तक दिवंगत अजित पवार के पास रहा था। उनके निधन के बाद NCP लगातार इस महत्वपूर्ण मंत्रालय पर दावा करती रही है।
तटकरे ने साथ ही पार्टी के भीतर असंतोष की बात को खारिज किया और कहा कि संगठन में फैसले संवाद और सामूहिक नेतृत्व के जरिए लिए जाते हैं।
भुजबल के घर भी हुई अलग बैठक
दिल्ली से लौटने के बाद सोमवार शाम वरिष्ठ NCP नेताओं ने पहले छगन भुजबल के सरकारी आवास पर बैठक की।
इसके बाद वे देवगिरी पहुंचे, जहां सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई।
भुजबल के घर हुई इस अलग बैठक को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हुईं, लेकिन पार्टी ने इसे नेतृत्व के खिलाफ किसी समानांतर गतिविधि के रूप में स्वीकार नहीं किया है।
दो घंटे चली कोर कमेटी की बैठक
सोमवार रात हुई NCP की कोर कमेटी बैठक करीब दो घंटे चली।
तटकरे के मुताबिक इसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने, महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति, विधायकों की जिम्मेदारियों और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई।
मंगलवार को होने वाली विस्तृत बैठक में विधायकों से संगठन और सरकार के कामकाज को लेकर राय लिए जाने की उम्मीद है।
नेतृत्व को लेकर असंतोष की खबरें, NCP ने किया इनकार
कुछ मीडिया रिपोर्टों ने पार्टी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि पुराने और वरिष्ठ नेताओं के एक वर्ग में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के नेतृत्व के तरीके को लेकर असहजता है।
ऐसी रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि संगठनात्मक नियुक्तियों और फैसलों में वरिष्ठ नेताओं से पर्याप्त सलाह नहीं लिए जाने को लेकर शिकायतें हैं।
हालांकि NCP ने इन दावों को आधिकारिक तौर पर खारिज किया है।
पार्टी ने कहा कि सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को अमित शाह से वरिष्ठ नेताओं की प्रस्तावित मुलाकात की जानकारी थी और इसे जानबूझकर नेतृत्व के खिलाफ कदम बताना गलत है।
अजित पवार के निधन के बाद बदला NCP का नेतृत्व
अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।
इसके तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और उन्हें NCP विधायक दल का नेता चुना गया।
फरवरी में पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें सर्वसम्मति से NCP की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।
इसके बाद पार्टी में संगठनात्मक बदलावों और भविष्य की दिशा को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
पार्थ पवार की भूमिका पर भी नजर
अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की पार्टी में बढ़ती भूमिका भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।
कुछ रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि वरिष्ठ नेताओं ने अमित शाह से मुलाकात के दौरान पार्टी के कामकाज और नेतृत्व से जुड़े अपने विचार रखे।
हालांकि इन दावों की पार्टी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और NCP का कहना है कि नेतृत्व को लेकर कोई संकट नहीं है।
NCP ने शरद पवार गुट से विलय की अटकलें भी खारिज कीं
अमित शाह के साथ बैठक के बाद दोनों NCP गुटों के संभावित विलय की चर्चाएं भी तेज हुईं।
लेकिन NCP नेतृत्व ने साफ कहा है कि फिलहाल शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के साथ विलय का कोई फैसला नहीं हुआ है।
एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने कहा कि संगठन सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से काम करता रहेगा।
विधान परिषद चुनाव में हार के बाद महायुति में भी तनाव
NCP के भीतर चल रही चर्चाओं की पृष्ठभूमि में हालिया महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव भी हैं।
औरंगाबाद ग्रेजुएट्स सीट पर NCP के उम्मीदवार और मौजूदा MLC सतीश चव्हाण को हार का सामना करना पड़ा। यह सीट पार्टी के पास लंबे समय से थी।
NCP ने शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार पर अपने आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने का आरोप लगाया। सत्तार ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने चव्हाण के खिलाफ प्रचार किया था और कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता के निर्देश पर ऐसा किया।
हालिया पांच विधान परिषद सीटों में विपक्षी महा विकास आघाड़ी ने तीन और महायुति ने दो सीटें जीतीं।
महायुति समन्वय पर भी मंथन
NCP की बैठक के साथ महायुति के भीतर बेहतर समन्वय की जरूरत भी चर्चा के केंद्र में है।
हालिया विधान परिषद चुनावों के बाद BJP, शिवसेना और NCP के बीच चुनावी तालमेल को लेकर सवाल उठे हैं।
NCP प्रवक्ता उमेश पाटिल ने भी स्वीकार किया था कि महायुति के घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय से चुनावी प्रदर्शन प्रभावित हो सकता था।
अमित शाह के साथ हुई बातचीत में भी संगठन को मजबूत करने और महायुति के घटकों के बीच तालमेल बेहतर करने का मुद्दा उठा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शाह ने NCP नेताओं से संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।
सुनेत्रा पवार की बैठक पर टिकी नजरें
अब राजनीतिक नजरें मंगलवार शाम होने वाली बैठक पर हैं।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब एक तरफ NCP के वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से एकजुटता का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नेतृत्व, संगठन और वित्त मंत्रालय को लेकर राजनीतिक अटकलें जारी हैं।
बैठक के बाद यह अधिक स्पष्ट हो सकता है कि पार्टी इन मुद्दों पर क्या आधिकारिक रुख अपनाती है और महायुति के भीतर अपनी भूमिका को लेकर आगे किस रणनीति पर काम करेगी।
