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पाकिस्तान पर प्रतिबंध की मांग के बीच अमरीका ने पाक को लगाई फटकार


पाकिस्तान पर प्रतिबंध की मांग के बीच अमरीका ने पाक को लगाई फटकार

वॉशिंगटन। अमरीका पाकिस्तान की कायराना हरकत पर खासा नाराज है। पाकिस्तान ने जिस तरह अफगानिस्तान में तालिबान के पंजशीर पर कातिलाना कब्जा कराने में मदद की उसपर अमरीका ने उसे फटकारा है। अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने साफ कहा है कि, पाकिस्तान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के लड़ाकों की मदद कर रहा है। कहा है कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान के बावत में ग्लोबल कम्युनिटी की पॉलिसी पर चलना चाहिए था। अमरीकी फॉरने मिनिस्टर की प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आयी है जबकि, पाक के खिलाफ विश्व परिदृश्य से प्रतिबंध लगाये जाने की मांग तेज हो रही है।

अमरीका के फॉरेन मिनिस्टर एंटनी ब्लिंकेन ने अमरीकी पाल्रियामेंट कांग्रेस में तालिबान के काबुल पर कबिज होने को लेकर दी अपनी प्रतिक्रिया में पाक पर निशाना साधा। उनसे जब अफगानिस्तान में पाक के रोल पर के बावत सवाल किये गये तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अफगानिस्तान में बहुतेरे स्वार्थ हैं जिसमें से कई तो सीधे अमरीकी हितों से सीधे टकराव कराते हैं। अमरीकी फॉरेन मिनिस्टर ने तालिबान की विजय पर दी अपनी प्रतिक्रया में यह भी तर्क दिया कि अफगानिस्तान में इंडिया की बढ़ते प्रभाव के बाद पाक ने उसे तकलीफ पहुंचाने वाले कई निर्णय लिए हैं।

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असल में साल 2006 में सालेह ने एनडीएस के चीफ रहने के दौरान तालिबान पर ग्राऊंड रिपोर्ट तैयार की थी। उन्होंने पाया था कि यह लड़ाके पाकिस्तान की धरती पर एक्टिव हैं और वहीं से धावा बोलते हैं। अपनी स्टडी पर उन्होंने एक रिपोर्ट तैयार की। उन्होंने इसका नाम तालिबान की रणनीति रखा है। इसमें साफतौर पर दर्ज है कि, पाकिस्तानी इनवेस्टीगेटिव एजेंसी आईएसआई ने साल 2005 में तालिबान का साथ देने का निर्णय लिया और इनाम व कैश भी दिये थे। इस दौरान अफगानिस्तान की हामिद करजई गवर्नमेंट ने इंडिया को अपना दोस्त करार दिया। ऐसे में पाकिस्तान भड़का और तालिबान को संरक्षण देने लगा। संभवत: यही कारण है कि आईएसआई चीफ के अफगानिस्तान में रहने के दौरान तालिबान पहले से कही और ज्यादा उग्र हो गया है।

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