राजनेता भी कभी कभी जोश में आकर कुछ ऐसी बातें कह जाते हैं जिससे उनके वह काम भी लोगों के सामने आ जाते हैं जिससे वह हमेशा इंकार करते रहते हैं, उनके इस तरह के बयानों पार्टी को अपना बचाव करना मुश्किल हो जाता है, ऐसा ही एक बयान भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा का सामने आया है जो रामगढ़ के पूर्व विधायक हैं. आहूजा अपने इस बयान में यह स्वीकारते हुए नज़र आते हैं कि वह पांच लोगों की मोबलिन्चिंग करवा चुके हैं.
दरअसल ज्ञानदेव आहूजा अलवर के गोविंदगढ़ में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए किसान के घर संवेदना देने के लिए पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने कहा कि अब तक तो पांच हमने मारे हैं, ये पहली बार हुआ है कि उन लोगों ने मारा है. वह आगे कहते हैं कि मैंने अपने कार्यकर्ताओं को कह रखा है कि मारो सालों को, हम बरी भी करवा देंगे और ज़मानत भी करवा देंगे। आहूजा कहते हैं कि मेवात विकास बोर्ड के चेयरमैन जुबैर खान मृतक किसान के परिजन को नौकरी देने की बात कह गए हैं, नौकरी संविदा की है, सरकारी भी नहीं.
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अक्सर अपने विवादित बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले ज्ञानदेव आहूजा अपनी पार्टी को घेरने से नहीं चूकते, वह कहते हैं भाजपा अपनी ऐसी तैसी कराये, हम तो हिंदुओं के लिए आंदोलन को खड़ा करेंगे क्योंकि हम हिन्दुओं के लिए मरते हैं. देखना यह है कि ज्ञानदेव आहूजा का इस तरह मॉब लिंचिंग की बात स्वीकार करने के बाद क्या भाजपा कोई एक्शन लेगी। बता दें कि बता दें कि राजस्थान के गोविंदगढ़ में ट्रैक्टर चोरी के शक में भीड़ ने 14 अगस्त की सुबह चिरंजीलाल नाम के किसान की चोर समझकर पिटाई कर दी थी जिसके बाद काफी गंभीर अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया था जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी. पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है. राजस्थान में चूंकि कांग्रेस से सरकार है इसलिए भाजपा इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने में जुटी हुई है.
