मेरठ। मेरठ सहित प्रदेश के सभी जिलों में आज अलविदा जुमे के दौरान नजारा काफी बदला हुआ दिखाई दिया। जिसमें अलविदा यानी जुमे की नमाज सड़कों पर नहीं हुई। मेरठ के इतिहास में यह पहली बार ऐसा हुआ है। जबकि अलविदा जुमा की नमाज मस्जिदों के अंदर हुई। इसके लिए कमेटियों, उलेमाओं और पेश इमामों ने खास ऐलान जारी किया था। शहर काजी और ईदगाह के इमाम की ओर से अपील की गई है। इसमें कहा गया है कि इस बार लोग अपने मोहल्ले की मस्जिदों के भीतर ही नमाज पढ़े। जामा मस्जिद और ईदगाह में नमाज भीतर ही पढ़ी गई। लोगों से अपील की गई थी कि मस्जिद और ईदगाह के भीतर जितने लोग आ जाएंगे,उतने लोग वहां नमाज पढ़ सकेंगे। बाकी लोगों से मोहल्ले की मस्जिदों में नमाज पढ़ने की अपील की गई है।
मस्जिदों में पोस्टर भी लगाए गए थे। जिसमें लोगों नमाज मस्जिद परिसर के अंदर पढ़ें न कि सड़क पर। इसके अलावा लाउडस्पीकर की आवाज मानकों के अनुसार रखी गई थी। पुलिस प्रशासन ने शांति और सौहार्द्र बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले हफ्ते जुमे की नमाज को लेकर दिशा—निर्देश जारी किए थे। जिसके बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए थे। खुले में नमाज न पढ़ने के आदेश के बाद सभी जिलों में मुस्लिम धर्मगुरुओं और पुलिस प्रशासन के बीच कई दौर की बैठकें हुई जिसमें नमाज मस्जिद के भीतर ही पढ़ेे जाने की अपील की गई थी।
