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Uttarakhand News: जिम्मेदारी आगे बढ़ाने के साथ ही चुनावी वादों की कसौटी पर खरना उतरना होगी चुनौती


Uttarakhand News: जिम्मेदारी आगे बढ़ाने के साथ ही चुनावी वादों की कसौटी पर खरना उतरना होगी चुनौती

देहरादून। राज्य के निवासियों को इस नए सप्ताह में नई सरकार मिल जाएगी। नई सरकार के लिए नए मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद काफी अहम जिम्मेदारियों को पूरा करना काफी चुनौतीपूर्ण होगा। इस नई सरकार के समक्ष पुरानी सरकार की नीतियों को आगे बढ़ाने की जहां जिम्मेदारी होगी वहीं चुनावी वादों की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती होगी। पूर्व की धामी सरकार द्वारा प्रदेश की जनता और यहां के कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों के लिए किए वादों को पूरा करना नई सरकार के जिम्मेदारी होगी।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने कर्मचारियों की समस्याओं ध्यान में रखकर वेतन विसंगति समिति का गठन किया था। जिसमें कर्मचारी संगठनों ने अपनी समस्याएं इस समिति के सामने रखी थी। अब नई सरकार के सामने लाखों सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कर अपनी पूर्व की सरकार के वादे को पूरा करना है जो कि एक चुनौती है। धामी ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 15 से बढ़ाकर 20 हजार करने का निर्णय किया था। चुनावी आचार संहिता (Code of conduct) के चलते यह नहीं हो सका। अब शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि इसको पूरा किया जाएगा। यानी भाजपा की नई सरकार पुरानी भाजपा सरकार के वादे पूरे करेगी। मुख्यमंत्री धामी ने विकलांग,वृद्धावस्था, विधवा पेंशन के अलावा दिव्यांग पेंशन योजना को 12 सौ रूपये से बढ़ाकर 15 सौ रुपये करने का निर्णय किया था। लेकिन इसके शासनादेश को नई सरकार का इंतजार है। वहीं धामी सरकार ने जो सबसे बड़ा निर्णय किया था वह था प्रदेश में सशक्त भू-कानून का। इसके लिए समिति का गठन भी हुआ। लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भू-कानून का वादा प्रदेश की जनता से किया है। लिहाजा, नई सरकार के सामने भू-कानून लागू करने की जिम्मेदारी होगी।

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मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की थी कि अगर भाजपा (BJP) सत्ता में फिर से आई तो प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू होगी। समान नागरिक संहिता अभी तक देश के किसी राज्य में लागू नहीं है। यह वादा नई सरकार के के लिए चुनौती होगा। इसी प्रकार, लव जेहाद,लैंड जेहाद, तीन तलाक के कानून को प्रदेश में लागू करने की बात कही गई थी। इस पर भी काम करना चुनौती से कम नहीं होगा।

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