महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर में एक्सपायरी खाद्य पदार्थ को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि एक पान की दुकान से खरीदा गया खाद्य पदार्थ खाने के बाद दो साल के बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। शिकायत के बावजूद दुकानदार पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज लोगों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी का घेराव कर दिया।
मामला इतना बढ़ गया कि गुस्साए लोगों ने दुकान से जब्त किया गया एक्सपायरी बिस्किट अधिकारी को खिलाने की भी कोशिश की। घटना के दौरान गंगापुर चौफुली पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे कुछ समय के लिए तनाव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
खाद्य पदार्थ खाने के बाद बच्चे की बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, मिथुन बहिरट और दादासाहेब ठोंबरे ने वैजापुर शहर के लाडगांव रोड स्थित एक पान की दुकान से खट्टा-मीठा चूरा खरीदा था।
यह खाद्य पदार्थ दो साल के बच्चे को दिया गया। दावा है कि इसे खाने के कुछ समय बाद बच्चे को चक्कर आने लगे और उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद परिवार के लोग बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए।
जांच करने पहुंची खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम
घटना के बाद शिकायतकर्ताओं ने छत्रपति संभाजीनगर के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को फोन पर जानकारी दी।
अधिकारी दुकान पर पहुंचे और वहां रखे खाद्य पदार्थों की जांच की। हालांकि, शिकायत में जिस खाद्य पदार्थ का जिक्र किया गया था, वह जांच के दौरान दुकान पर नहीं मिला।
जांच के दौरान दुकान से कुछ एक्सपायरी बिस्किट जरूर मिले, जिन्हें अधिकारी ने जब्त कर लिया।
दुकानदार पर खाद्य पदार्थ छिपाने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दुकानदार ने एक्सपायरी खाद्य पदार्थ छिपा दिए और जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसे उत्पाद दिखाए जिनकी एक्सपायरी डेट नहीं निकली थी।
लोगों ने संबंधित अधिकारी पर दुकानदार के साथ कथित आर्थिक लेन-देन कर मामले को दबाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के बाद अधिकारी वहां से निकल गए, लेकिन शिकायतकर्ताओं और उनके साथ मौजूद लोगों ने उनका पीछा किया और गंगापुर चौफुली पर उन्हें रोक लिया।
अधिकारी को एक्सपायरी बिस्किट खिलाने की कोशिश
गंगापुर चौफुली पर लोगों ने अधिकारी को घेर लिया और दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल पूछने लगे।
इसी दौरान लोगों ने दुकान से जब्त किए गए एक्सपायरी बिस्किट अधिकारी को खिलाने की कोशिश की।
नाराज लोगों का कहना था, “जब आप कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, तो साहब, खुद खाकर देखिए कि एक्सपायरी चीज खाने से क्या होता है।”
100 से ज्यादा लोग जुटे, यातायात हुआ प्रभावित
हंगामे के दौरान गंगापुर चौफुली पर 100 से ज्यादा लोग जमा हो गए। सड़क पर भीड़ बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
मामला बढ़ता देख प्रशिक्षु उपविभागीय अधिकारी विनय सोनवणे और उनके सहयोगी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज लोगों से बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की।
अधिकारियों ने लोगों से कहा कि अगर उन्हें मामले को लेकर कोई शिकायत या आपत्ति है तो सड़क पर भीड़ लगाने के बजाय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं और कानूनी तरीके से अपनी बात रखें।
इसके बाद पुलिस ने भी हस्तक्षेप किया और लोगों को मौके से हटाया। धीरे-धीरे भीड़ कम हुई और यातायात सामान्य हो गया।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मामले में एक्सपायरी खाद्य पदार्थ खाने के बाद दो साल के बच्चे की तबीयत बिगड़ने का दावा किया गया है। वहीं, दुकान की जांच के दौरान एक्सपायरी बिस्किट मिलने की बात सामने आई है।
अधिकारी पर लगाए गए आर्थिक लेन-देन के आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब जब्त किए गए खाद्य पदार्थों और पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

