मेरठ में कोरोना के टूटे सारे रेकॉर्ड, एक दिन में 664 मरीज मिले

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मेरठ में कोरोना के टूटे सारे रेकॉर्ड, एक दिन में 664 मरीज मिले

इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए कल से शुरू होगा बूस्टर डोज़ कार्यक्रम, यूपी में 20 लाख से ज्यादा हैल्थ व फ्रंट लाइन वर्कर्स को तीसरी ख़ुराक़

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बेकाबू होता जा रहा है। दिनों दिन तेजी से बढ़ रहे संक्रमण ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रविवार को एक दिन में 664 मरीज सामने आए हैं। लापरवाही और अनदेखी के चलते शहर की स्थिति चिंताजनक हो गई है। हर दिन पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा अप्रत्याशित रूप से बढ़ रहा है। मात्र 8 दिन में जिले में 22 सौ से ज्यादा सक्रिय केस हो चले हैं। रविवार को एक मरीज की मौत भी हो गई है।

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जय भीम नगर में सबसे अधिक केस

जिले में लगभग हर क्षेत्र से कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा केस जयभीम नगर में मिल रहे हैं। जबकि रजबन इस मामले में दूसरे नंबर पर है। इन दोनों क्षेत्रों से 2 दिन में 100 से ज्यादा मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। सबसे ज्यादा खतरा बाहर से आने वाले लोगों से बन रहा है। रविवार को भी दिल्ली से आई एक महिला व उसके परिवार में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिले की बिगड़ती स्थिति से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में हालात और भी विकराल होने वाले हैं।

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60 फीसदी पुरुष चपेट में
कोरोना संक्रमण पुरुषों पर ज्यादा भारी पड़ रहा है। जिले में 60 फ़ीसदी पुरुष संक्रमण की चपेट में हैं। जबकि 40 फ़ीसदी महिलाएं वायरस का शिकार हो चुकी हैं। इसके अलावा 1 साल से 18 साल तक के बच्चे भी तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। रविवार को 367 पुरुषों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जबकि 248 महिलाये और 49 बच्चे वायरस के शिकार हुए हैं।

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कल से बूस्टर डोज़
बढ़ते कोरोना संक्रमण और खतरे को देखते हुए देशभर में कल से बूस्टर डोज या प्रिवेंशन डोज़ लगनी आरंभ होंगी। हैल्थ केयर वर्कर्स के साथ ही फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से अधिक उम्र ले ऐसे बुजुर्ग जिन्हें कोई अन्य गंभीर बीमारी हैं। इन्हें वैक्सीन की तीसरी ख़ुराक़ दी जाएगी। यूपी में लगभग 10 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स व 10 लाख निजी मेडिकल कॉलेज, सरकारी मेडिकल कॉलेज के हेल्थकेयर फ्रंटलाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज़ दी जाएगी। इसके अलावा चुनावों में ड्यूटी देने वाले सभी लोगों को भी बूस्टर डोज दी जाएगी।

9 महीने का समय जरूरी
वैक्सीन की तीसरी खुराक के लिए दूसरी डोज के बीच में 9 महीने का अंतर होना जरूरी है। यानी जनवरी से मार्च के बीच में दोनों खुराक लेने वाले लोगों को ही तीसरी डोज़ लगाई जा सकेगी। शासन के निर्देशानुसार ओमीक्रोन के बढ़ते मामले और डेल्टा वेरिएंट की आमद के बीच इम्यूनिटी को बढ़ावा देने के लिए तीसरी डोज लगाए जाने का प्रावधान तय किया गया है।

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