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Manipur Violenc: सर्वदलीय बैठक में सरकार ने दिया मणिपुर में शांति बहाली का आश्वासन

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Manipur Violenc : मणिपुर की हिंसा स्थिति पर आज शनिवार को नई दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। बैठक में आए दलों के नेताओं ने अपनी बात रखी। मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीने पहले भड़की हिंसा में अब तक 100 से अधिक की जान चली गई है। केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य में शांति बहाल के तहत Manipur दौरा किया था।

मणिपुर की मौजूदा स्थिति पर आज शनिवार को बुलाई सर्वदलीय बैठक संपन्न हो गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजनीतिक दलों को मणिपुर के हालातों की जानकारी दी। संसद भवन में सर्वदलीय बैठक करीब 3 घंटे तक चली। बैठक में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, वामदलों, तृणमूल कांग्रेस और राजद, सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने भाग लिया।

सर्वदलीय बैठक में खुले मन से बात

राजद सांसद मनोज झा के अनुसार, सर्वदलीय बैठक में खुले मन से बातचीत हुई। सभी दलों ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि खुले मन से बात हुई। हम सबने अपनी राय रखी है। वहां के राजनीतिक नेतृत्व में लोगों का अविश्वास है। यह बात सारे विपक्षी दलों ने रखी।
डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि मणिपुर को लेकर हमने अपनी चिंता जाहिर की है। 100 लोग अब तक मारे गए हैं। करीब 60,000 लोग बेघर हुए हैं।

डीएमके सांसद ने कहा कि सबसे दुखद यह है कि प्रधानमंत्री ने इस पर एक शब्द तक नहीं बोला। वहां की स्थिति का पता लगाने को सर्वदलीय दल को मणिपुर भेजना चाहिए। गृह मंत्री ने हमें इसके लिए आश्वासन दिया है। हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर की स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मेघालय मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा, आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास, शिवसेना UBT नेता प्रियंका चतुर्वेदी, तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन सहित अन्य दलों के नेता मौजूद रहे।

ये है पूरा मामला

मणिपुर राज्य में मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीने पहले भड़की हिंसा में 100 से अधिक की जान गई है। मेइती समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में जनजातीय एकजुटता मार्च आयोजित किए जाने के बाद हिंसक झड़पें हुईं थीं।
गृह मंत्री शाह ने मई में चार दिन के लिए मण्पिुर का दौरा किया था। मणिपुर में शांति बहाली के अपने प्रयासों के तहत सभी वर्गों से मुलाकात की थी। जिसके बाद हथियार सरेंडर करने की जानकारी सामने आई थी।

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