उत्तर प्रदेश में एक मुस्लिम महिला अपने घर में गणेश मूर्ति स्थापित करने पर कट्टरपंथी मौलानाओं के निशाने पर आ गयी उसके खिलाफ फतवे जारी हो गए , इस्लाम से ख़ारिज किया जाना लगा लेकिन महिला ने ऐसे मौलानों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और फ़तवा जारी करने वाले कट्टपंथी मौलानों को जेहादी और आतंकी तक कहा दिया. मुस्लिम महिला ने कहा यह मौलाना दरअसल देश को बांटना चाहते हैं क्योंकि किसी की आस्था पर सवाल उठाने वाला सच्चा मुस्लमान हो ही नहीं सकता।
दरअसल मामला अलीगढ का है जहाँ रोरावर थाना क्षेत्र में रहने वाली रूबी आसिफ खान ने अपने घर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित की थी, जिसकी खबर लगते ही सहारनपुर से रअल्लुक़ रखने वाले कट्टरपंथी मौलाना मुफ़्ती अरशद फारूकी ने रूपबि के खिलाफ फ़तवा जारी कर दिया। मौलाना ने कहा कि इस्लाम में मूर्ति पूजा हराम है और अगर कोई मुसलमान मूर्ति पूजा करता है तो उसके खिलाफ वही हुक्म जारी होता है जो इस्लाम मुखालिफ लोगों पर होता है. हालाँकि मौलाना ने भगवन गणेश को हिन्दू धर्म में पूजनीय और ज्ञान व सुख समृद्धि का देवता भी बताया।
बता दें कि रूबी आसिफ खान भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की मंडल उपाध्यक्ष हैं. फतवे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रूपबि खान ने कहा कि मुफ्ती अरशद फारुकी जैसे लोग हिंदुस्तान में रहकर हिंदुस्तान की बात नहीं करते, इनके जैसे लोग देश का बंटवारा करना चाहते हैं. भाजपा नेत्री ने कहा ऐसे मौलाना और मुफ्त कभी सच्चे मुसलमान नहीं हो सकते, इन्हें उग्रवादी और जेहादी कहना सही होगा. रूबी खान ने कहा कि मैं ऐसे मौलानाओं की परवाह नहीं करती, में पहले भी हिंदू पर्व मानती थी और आगे भी मनाऊंगी। मेरे खिलाफ इससे पहले भी कई फतवे जारी हो चुके हैं.

