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अलीगढ़ शराब कांड: 83 लाशों के बाद हरकत में सरकार, संयुक्त आबकारी आयुक्त, उप आबकारी आयुक्त सस्पेंड


अलीगढ़ शराब कांड: 83 लाशों के बाद हरकत में सरकार, संयुक्त आबकारी आयुक्त, उप आबकारी आयुक्त सस्पेंड

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जहरीली शराब से अब तक 83 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में सोमवार को शासन ने संयुक्त आबकारी आयुक्त, आगरा जोन रवि शंकर पाठक और उप आबकारी आयुक्त अलीगढ़ मंडल ओपी सिंह को सस्पेंड कर दिया है। रवि शंकर की जगह अब धीरज सिंह को आगरा जोन का प्रभार दिया गया है। इसी तरह ओपी सिंह की जगह विजय कुमार मिश्र को उप आबकारी आयुक्त अलीगढ़ मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक राजेश यादव, प्रधान सिपाही अशोक कुमार, निरीक्षक चंद्रप्रकाश यादव, इंस्पेक्टर लोधा अभय कुमार शर्मा और सिपाही रामराज राना को भी सस्पेंड किया जा चुका है।

कई अन्य अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश
दूसरी ओर, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि शासन के पास जिले के कई अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश आई है। 14 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है। आगे भी जो अफसर दोषी पाए जाएंगे, उनपर कार्रवाई होगी।

DM, SSP और एडीएम को बचा रही सरकार
इस पूरे मामले में अब तक DM चंद्रभूषण सिंह, SSP कलानिधि नैथानी और आबकारी के नोडल अधिकारी एडीएम फाइनेंस विधान जायसवाल को लगातार सरकार बचाने में जुटी हुई है। बताया जाता है कि DM चंद्रभूषण सिंह मुख्यमंत्री और SSP देश के एक बड़े प्रशासनिक अफसर के करीबी हैं। यही कारण है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

BJP सांसद ने DM को हटाने की मांग की
अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम ने इस पूरी घटना के लिए प्रशासन को दोषी ठहराया। कहा कि आबकारी अधिकारियों को जेल भेजा जाए। प्रशासन अपनी गर्दन बचाने के लिए, व्यापारियों पर गलत कार्रवाई कर रहा है। ऐसा वह किसी भी कीमत पर नहीं होंने देंगे। सांसद सतीश गौतम ने सीएम योगी से मांग कि है कि इस मामले में तुरंत डीएम पर कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने पूछा कि इस जहरीली शराब कांड में क्या डीएम जिम्मेदार नहीं है? डीएम की नाक के नीचे यह सब भ्रष्टाचार हुआ है, क्या डीएम की जिम्मेदारी नहीं है? आबकारी विभाग पूरा मिला हुआ है इसमें, क्यों नहीं इस पर कार्रवाई की जा रही है? क्यों नहीं जेल भेज रहे? सस्पेंड होकर आबकारी अधिकारी खुलेआम घूम रहे हैं, क्यों नहीं उन्हें जेल भेजा जा रहा?

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