गाय-भैंसों में देश के अधिकांश राज्यों में लंपी वायरस कहर बरपाता हुआ अब यूपी के जिलों में भी घुस आया है। लंपी स्किन डिजीज वायरस ने पश्चिमी उप्र के कई जिलों में दस्तक दे दी है। लंपी रोग से सावधानी बरतने के लिए अधिकांश जिलों को अलर्ट किया है।
एलएसडी गाय और भैंसों में फैलने वाला संक्रामक रोग है। जो कि तेजी से एक दूसरे में फैलता है। इसमें पशु की त्वचा पर गांठें निकल आती हैं। इससे त्वचा खराब भी हो जाती है। इससे पशुओं में कमजोरी के साथ दुधारू पशु में दूध क्षमता कम होती है और पशुओं में गर्भपात भी होता है। वायरस अधिक संक्रमित होने पर पशुओं की मौत भी ले सकता है। मेरठ पशु चिकित्सकाधिकारी डा0 अनिल कंसल ने बताया कि लंपी वायरस को लेकर शासन की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। जिले में पशु पालकों को सतर्क किया गया है। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से टीम का गठन कर किसानों और पशु पालकों को लंपी वायरस के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि कई अन्य राज्यों में लंपी वायरस कहर बरपा रहा है और पशुओं की इससे मौत हो चुकी है। ये वायरस अब पश्चिमी उप्र में गोवंश में लंपी वायरस का असर दिखाई दे रहा है। इसके लिए सभी जिलों में मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अलर्ट रहें। लंपी वायरस का असर दिखे तो तुरंत ही सूचित करें। बताया जा रहा है कि पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी इस वायरस ने दस्तक दी है। इस कारण फैलता है यह रोग लंपी वायरस काटने वाली मक्खियों के अलावा मच्छरों एवं जूं के संपर्क में आने से पशुओं में फैलता है। दूषित दाने और पानी से भी यह फैलता है। इसके अलावा ये संक्रमित पशु में कई बार दो से पांच सप्ताह तक नहीं दिखता फिर अचानक यह रोग नजर आता है।
