हालाँकि लोकसभा का अगला चुनाव 2024 में मगर मोदी के सामने विपक्ष के पीएम उम्मीदवार कौन हो सकता है इसपर अभी से बहस शुरू हो गयी है. बिहार में जेडीयू और भाजपा में तलाक़ के बाद एकबार फिर पीएम पद के लिए नितीश कुमार का नाम उछाला जा रहा है, वहीँ कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गाँधी ही कांग्रेस पार्टी के पीएम पद के उम्मीदवार होंगे, वहीँ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी आज पीएम पद के लिए तीन ऐसे नाम लिए जिनका न तो यूपी से ताल्लुक है और न ही बिहार से. जबकि इन दोनों राज्यों से 120 सांसद लोकसभा पहुँचते हैं.
अखिलेश यादव ने जिन तीन लोगों के नाम लिए हैं जो विपक्ष के पीएम पद के लिए साझा उम्मीदवार बन सकते हैं उनमें सबसे ऊपर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी का नाम है, अखिलेश की लिस्ट में दूसरा नाम महाराष्ट्र से है, यहाँ से उन्होंने एनसीपी प्रमुख शरद यादव का नाम लिया है वहीँ तीसरा नाम तेलंगाना के मुख्यमंत्री KCR का है. अखिलेश ने अपने को इस दौड़ से दूर रखते हुए कहा कि मैं यूपी पर फोकस कर रहा हूँ और चाहता हूँ कि पीएम मोदी का विजय रथ रोकने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाए जिसके लिए हमें अभी से जुटना होगा.
अखिलेश की लिस्ट में नितीश कुमार का नाम क्यों नहीं है इसपर लोग अपना अपना नजरिया रखते हैं. लोगों का मानना है कि नितीश कुमार पर अखिलेश को बिलकुल भी भरोसा नहीं है. भले ही नितीश कुमार ने इस समय भाजपा से नाता तोड़ लिया है लेकिन जेडीयू अध्यक्ष के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए इस बात की गारंटी नहीं दी सकती कि वह पलटी नहीं मार सकते. वहीँ अखिलेश का यह भी मानना है कि विपक्ष का कोई भी उम्मीदवार बिना कांग्रेस पार्टी को साथ में लिए तय नहीं हो सकता।
