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अखिलेश ने किया त्याग, हरियाणा में नहीं उतारेगी उम्मीदवार

akhilesh

अपनी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। हालाँकि पहले ये बात सामने आयी थी कि समाजवादी पार्टी भी हरियाणा विधानसभा चुनाव में किस्मत आज़माएगी और इसके लिए कांग्रेस पार्टी से सीट एडजस्टमेंट की बात चल रही है. कल तक खबर ये भी थी कि कांग्रेस पार्टी भी सपा को एक या दो सीटों पर एडजस्ट कर सकती है. लेकिन अब अखिलेश यादव के इस एलान से स्थिति साफ़ हो गयी है और कांग्रेस पार्टी के लिए एक तरह राहत की बात कही जा रही है क्योंकि कहीं न कहीं इंडिया गठबंधन को लेकर एक गलत सन्देश जा रहा था.

अब सपा सुप्रीमो ने खुद ऐलान किया है कि हरियाणा के चुनावी रण में समाजवादी पार्टी सीधे मैदान में उतरने के बजाय इंडिया गठबंधन का समर्थन करेगी। अखिलेश ने कहा है कि चुनाव में सीटों से ज्यादा जीत जरूरी है और इसीलिए हम यह त्याग कर रहे हैं। सपा सुप्रीमो ने यह ऐलान ऐसे समय किया है जब कांग्रेस पार्टी हरियाणा में सीट बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों से बातचीत कर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में 37 सीटें जीतने के बाद सपा दूसरे राज्यों में अपना आधार बढ़ाने में जुटी है। दूसरे राज्यों में विस्तार के जरिए समाजवादी पार्टी की नजर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने पर है।

सपा सुप्रीमो के अनुसार हरियाणा चुनाव में सवाल दो-चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने का नहीं है। सवाल जनता के दुख-दर्द को समझने और भाजपा की जोड़-तोड़ की भ्रष्ट राजनीति से उन्हें मुक्त कराने का है। साथ ही, हरियाणा के सच्चे विकास और जनता के कल्याण का है। पिछले 10 सालों में भाजपा ने हरियाणा के विकास को बीस साल पीछे धकेल दिया है। विपक्षी दलों के लिए यह त्याग का समय है अखिलेश यादव ने सहयोगी दलों को नसीहत देते हुए कहा कि यह समय अपनी राजनीतिक संभावनाएं तलाशने का नहीं बल्कि त्याग और बलिदान का समय है। उन्होंने आगे कहा कि यह क्षण ऐसे लोगों की राजनीति को परास्त करने के लिए खुद से ऊपर उठने का ऐतिहासिक अवसर है। हम बड़े दिल से हरियाणा के कल्याण के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं।

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