मेरठ। भाजपा का साथ छोड़ सपा में शामिल हुए पिछड़ी जाति के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) को अखिलेश अब विधानसभा भेजने की तैयारी में जुटे हैं। सूत्री की माने तो स्वामी प्रसाद मौर्य को अखिलेश करहल से चुनाव लड़वाएंगे और इस सीट को वो छोड़ देंगे। सपा अपने गढ़ से जितवाकर स्वामी प्रसाद को विधानसभा भेजने की कवायद कर रही है। कभी भाजपा के साथ गलबहिया करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य खुद को पिछले जाति के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं। उन्होंने सपा के साथ गठबंधन करने के बाद भाजपा को प्रदेश से उखाड़ फैकने की कसम खाई थी। लेकिन वे भाजपा को उखाड़ने में तो नाकाम रहे। लेकिन इस चक्कर में खुद ही उखड़ गए और चुनाव हार गए।
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चुनाव हार से सन्न रह गए स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर सपा भी काफी उहापोह वाली स्थिति में हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा के साथ गठबंधन के दौरान बहुत बड़े दावे और वादे किए थे। माना जा रहा था कि जैसे इनके दम पर ही अब सपा की सरकार बनेगी और इसको कोई नहीं रोक सकता है। लेकिन योगी आदित्यनाथ की मेहनत और मतदाताओं के इरादों ने इनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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सपा का मानना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) समेत अन्य नेताओं के चलते मत प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा है कि सपा, स्वामी प्रसाद मौर्य को विधानसभा भेजने की कवायद में जुटी है। इसीलिए ही अखिलेश यादव करहल सीट से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने चुनाव से ठीक पहले ही अपने मंत्री पद से त्यागपत्र दिया था। उन्होंने भाजपा पर दलितों, पिछड़ों के शोषण का आरोप लगाया था। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद सपा की सदस्यता ग्रहण की थी। सपा ने स्वामी को कुशीनगर के फाजिलनगर विधानसभा से टिकट दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा में जाने के बाद कई सीटों पर सपा की जीत का दावा करने वाले खुद भी चुनाव हार गए। भाजपा के सुरेंद्र कुशवाह ने स्वामी प्रसाद मौर्य को करारी हार दी।

