रामचरित मानस को लेकर उपजे विवाद के बीच मीडिया पर हो रही इस मुद्दे पर बहसों के सांप्रदायिक रंग को लेकर चौकन्ना हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और टी.वी. पैनलिस्ट को निर्देश जारी किये हैं कि धार्मिक मुद्दों पर बहस से परहेज करना चाहिए। हमें राजनीतिक चर्चा और बुनियादी सवालों पर ही अपना पूरा ध्यान रखना है। धार्मिक मुद्दा संवेदनशील मुद्दा है। हमें अनायास उससे सम्बन्धित बहसों में नहीं उलझना चाहिए। यह निर्देश विशेषकर टी.वी. चैनलों पर पार्टी का पक्ष रखने वाले पैनलिस्टों के लिए है.
जातीय जनगणना की मांग जारी रहेगी
पार्टी ने कहा कि यह बात ध्यान में रखना चाहिए कि समाजवादी पार्टी डा0 लोहिया के आदर्शों से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद में आस्था रखती है। समाजवादी पार्टी लोहिया जी की सप्तक्रान्ति और लोकनायक जयप्रकाश जी की सम्पूर्ण क्रान्ति तथा सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। जातीय जनगणना की मांग भी हम निरंतर करते रहे हैं।
बहकावे से बचने के निर्देश
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि वर्तमान शासन काल में महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी की दर बढ़ती जा रही है। भ्रष्टाचार बेलगाम है। किसान, नौजवान सहित समाज का हर वर्ग परेशान है। महिलाओं-बच्चियों को अपमानजनक हालात से गुजरना पड़ रहा है पूरे प्रदेश में अराजकता की स्थिति व्याप्त है। समाजवादी पार्टी का उद्देश्य जनसामान्य को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर पार्टी की नीति और कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाना है। सत्तारूढ़ दल लगातार बुनियादी मुद्दां से भटकाने का काम करता है। हमें उनके बहकावे में नहीं आना है।
