समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी प्रदेश अध्यक्ष को छोड़ पार्टी की सभी इकाइयां तत्काल प्रभाव से भांग कर दीं। पार्टी के ट्विटर हैंडल पर दी गयी जानकारी के मुताबिक सभी युवा संगठनों, महिला सभा, अन्य सभी प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष सहित राष्ट्रीय, राज्य, जिला कार्यकारिणी भंग की जाती है.
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पार्टी ने इतने बड़े फैसले के बारे में कोई जानकारी तो नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि लोकसभा उपचुनाव में अपने गढ़ रामपुर और आजमगढ़ में मिली पराजय इसकी बड़ी वजह है. कहा जा रहा ही कि पार्टी प्रमुख ने अगले लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू की है. बताया जा रहा है कि जल्द ही पार्टी कार्यपरिषद का सम्मेलन होगा जिसके बाद नए सिरे से सभी यूनिटों का गठन किया जाएगा.
कहा जा रहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में मुसलमानों के लगभग एकमुश्त वोट झटकने वाली सपा को लोकसभा के उपचुनावों में बड़ी निराशा हाथ लगी और उसका बड़ा वोट बैंक उसके हाथ से छिटकता हुआ नज़र आया. अखिलेश यादव के लिए उपचुनावों में और वो भी अपने गढ़ में MY फैक्टर का न चलना चिंता की बात है, एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले विधानसभा चुनावों में सपा मुस्लिम समुदाय का 80 प्रतिशत से ज़्यादा वोट मिला था, मुसलमानों का किसी एक पार्टी के पक्ष इतना वोट इससे पहले 1984 में पड़ा था. यह
