देश में पिछले कई दिनों से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के दफ्तरों पर छापे पड़े, सैकड़ों पदाधिकारी और मेंबर गिरफ्तार हुए, बहुत से खुलासे हुए, आतंकी संगठनों से सम्बन्ध साबित हुए, इन सबके बाद केंद्र सरकार द्वारा इस संगठन को पांच साल के केंद्र सरकार को मजबूर होना पड़ा. PFI पर पाबन्दी के इस फैसले का अजमेर दरगाह के प्रमुख जैनुल आबेदीन अली खान ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि आतंकवाद की रोकथाम के लिए PFI पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का सभी को स्वागत करना चाहिए.
दरगाह प्रमुख का कहना है कि किसी भी देश तोड़ने वाली कार्रवाई में शामिल होने का हक़ नहीं, अगर कोई भी ऐसे गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, फिर वो चाहे जितना बड़ा हो, चाहे कोई भी संस्था हो उसपर सख्त से सख्त कार्रवाई करना बहुत ज़रूरी होता है. क्योंकि देश अगर सुरक्षित है तो हम सब भी सुरक्षित हैं. इसलिए PFI पर प्रतिबन्ध लगाना बिलकुल सही फैसला है. उन्होंने कहा क़ मैंने खुद इस मामले में मांग की थी कि PFI पर जल्द पाबन्दी लगाईं जाय.
बता दें कि केंद्र द्वारा कल रात एक अधिसूचना जारी कर पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों पर पांच साल के लिए प्रतिबन्ध लगा दिया गया है, केंद्र का मांनना है PFI के लोग विनाशकारी कृत्यों में शामिल रहे, उनकी गतिविधियां देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रही थीं और आतंकी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा था. इन सब कारणों के चलते पीएफआई और उसके सहयोगियों या मोर्चों को तत्काल प्रभाव से UAPA कानून के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया.
