सेना में शार्ट टर्म भर्ती स्कीम “अग्निपथ योजना” पर पिछले चार दिनों से बिहार,यूपी, हरियाणा समेत देश के आठ से ज़्यादा राज्यों में मचे बवाल और हिंसा से केंद्र सरकार के होश उड़े हुए हैं। योजना को लेकर युवाओं का गुस्सा अपने चरम पर पहुँच रहा है जिससे परेशान होकर सरकार लगातार डैमेज कण्ट्रोल करने की कोशिश कर रही है और अपने कदमों को पीछे खींचती हुई नज़र आ रही है. इस डैमेज कण्ट्रोल की कोशिश में आज पहले गृह मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की वहीँ दोपहर बाद रक्षा मंत्रालय ने एलान किया कि उनके मंत्रालय के तहत होने वाली भर्तियों में अग्निवीरों को 10 परसेंट का रिजर्वेशन मिलेगा।
Read also: Akhilesh Yadav ने बताया, राय-मशविरा जैसे शब्द भाजपा के शब्दकोष में नहीं
रक्षा मंत्रालय की ओर से ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी गयी है. जानकारी के मुताबिक इस फैसले को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की मंज़ूरी मिल चुकी है. ट्वीट में ये कहा गया है कि भविष्य में मंत्रालय में होने वाली भर्तियों में सेना से रिटायर्ड अग्निवीरों के लिए 10 फीसदी आरक्षण दिया जायेगा. अब रक्षा मंत्री की मंजूरी मिलने के बाद मैन्युअल में संशोधन करने के बाद ये फैसला लागू हो जाएगा.
बता दें कि रक्षा मंत्रालय की तरफ से ये भी जानकारी दी गई है कि अग्निवीरों को इंडियन कोस्ट गार्ड और डिफेंस सिविलियन पोस्ट के साथ डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग कंपनियों की नियुक्तियों में आरक्षण दिया जाएगा. इससे पहले आज गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि अग्निवीरों को केंद्रीय सुरक्षा बलों और असम राइफल्स की नियुक्तियों में 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा।
