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Agneepath Scheme: बिहार में और भड़की “अग्निपथ” की आग

सेना में सरकार द्वारा चार वर्षों की शार्ट टर्म भर्ती स्कीम “अग्निपथ योजना” से भड़की आग बिहार के कई और ज़िलों में भी फ़ैल गयी है. बक्सर, मुजफ्फरपुर और गया के बाद अब जहानाबाद में योजना के विरोध में छात्र सड़कों पर उतर आये। छात्रों ने जहाँ NH-83 और NH-110 जाम कर दिया वहीँ कई जगहों पर आगज़नी भी घटनाएं हुई हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि वे इस बात से निराश और हताश हैं कि फिजिकल क्लीयर होने के बावजूद दो साल से सेना में उनकी भर्ती को टाला जा रहा है, कभी कोविड के बहाने तो कभी किसी और बहाने और अब सरकार ये योजना लेकर आई है।

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बता दें कि कल बक्सर, मुजफ्फरपुर, पटना और गया में सेना अभ्यर्थियों, छत्रों और युवाओं ने इस अग्निपथ योजना के विरोध में ज़बरदस्त बवाल काटा था, रेलवे ट्रैक्स को अवरुद्ध कर दिया था, नेशनल हाई वेस को जैम कर दिया था, सड़कों पर टायर जलाकर ट्रैफिक को रोक दिया था। बक्सर और मुज़फ्फर में कई ट्रेनों पर पथराव की खबरें थी. इन्हेंसमझाने और सड़कों व रेलवे ट्रैक से हटाने के लिए रेलवे पुलिस को काफी मशक्क्त करनी पड़ी थी। बक्सर में आज भी भारी संख्या में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं।

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प्रदर्शनकारी छात्रों का सवाल है कि चार साल बाद जब भर्ती किये गए 75 प्रतिशत लोगों को एकबार फिर बेरोज़गार कर दिया जायेगा तो फिर हम लोग क्या करेंगे, सरकार ने विकल्प के तौर पर कुछ भी घोषणा नहीं की है। हम एकबार फिर बेरोज़गारी के गर्त में जाकर हताश और निराश हो जायेंगे। वहीँ राजनीतिक पार्टियों ने सरकार की इस योजना पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी का कहना कि मोदी सरकार सेना के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही है, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि चार साल बाद बन्दूक चलाने की ट्रेनिंग लेकर बेरोज़गार होने वाले क्या क्या कर सकते हैं, सोचकर भी डर लगता है, मोदी सरकार देश में किस तरह का माहौल पैदा करना चाहती है।

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