लखनऊ: उत्तर विधानसभा चुनाव 2022 के पांचवे, छठवें और सातवें चरण के मतदान में बांग्लादेशी घुसपैठियों के शामिल होने की खुफियार एंजेसियां आशंका जताई जा रही है। इन तीनों चरणों में फर्जी वोटिंग की भी संभावना है। खुफिया सूत्रों की माने तो बांग्लादेशी घुसपैठी चुनाव मे खलल डाल सकते हैं, जिसको लेकर एटीएस ने कमर कस ली है।
खास बात यह है कि निर्वाचन आयोग (Election commission) की सख्ती के बाद अभी तक के चार चरणों चुनाव में कोई बात सामने नहीं आई है, लेकिन पूर्वांचल के जिलों में बिहार और पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेशियों की घुसपैठ को नकारा नहीं जा सकता है। पिछले कई सालों से एटीएस और एसटीएफ ऐसे घुसपैठियों को पकड़ने में कामयाब हुई है, लेकिन अभी भी लाखों की संख्या में यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठी मौजूद हैं, जिनकी खुफिया एंजेसियां लगातार पता लगाने में जुटी हुई है।
इन जिलों में गड़बड़ी की आशंका
इन बांग्लादेशी घुसपैठियों पर नजर रखने के लिए एटीएस समेत अन्य खुफिया एंजेसियां लगाई गई है। विश्वस्त सूत्रों की माने तो मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर समेत एक दर्जन से अधिक जिलों में बांग्लादेशी मतदान के दिन गड़बड़ी कर सकते हैं, जिसको से लेकर एटीएस की ईकाइयां स्थानीय पुलिस के जरिए इन घुसपैठियों पर नजर गड़ाए हुए हैं। बीते साल एटीएस की कार्यवाही में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी मूल का नागरिक भारतीय नागरिक बनकर रह रहा था।
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एटीएस ने इनमें से युसुफ अली उर्फ नजरूल और जहीर खान उर्फ जहीरूल इस्लाम को गिरफ्तार किया था, जिससे एटीएस को तमाम इनपुट मिले थे। उन्हीं इनपुट के आधार पर एटीएस लगातार बांग्लादेशी घुसपैठियों पर नजर गड़ाए हुए हैं। जब से चुनाव की अधिसूचना जारी हुई है, तब से आज तक यूपी के पूर्वांचल में स्थानीय सूचना ईकाई और स्थानीय पुलिस के जरिए एटीएस सूचनाएं जुटा रही हैं। खुफिया रिपोर्टों के आधार पर चुनाव में बांग्लादेशियों का वोटिंग में शामिल होने की जानकारी मिल रही है।

