Site icon Buziness Bytes Hindi

SIR के बाद वोटर लिस्ट से छूटे लोगों के लिए ECI का बड़ा फैसला, 20 राज्यों में चलेगा Special Drive

SIR initiative

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष मतदाता नामांकन अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जहां मतदाता सूची का Special Intensive Revision (SIR) पूरा हो चुका है।

इस अभियान का उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं की पहचान करना और उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराना है, जिनके नाम SIR के दौरान या उसके बाद छूट गए। इसके साथ ही पहली बार वोटर बनने वाले और युवा मतदाताओं पर भी विशेष फोकस रहेगा।

आयोग ने 29 सितंबर को इस संबंध में लिखित निर्देश राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे थे। इसके बाद 1 अक्टूबर को सभी राज्यों के Chief Electoral Officers के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान इस प्रक्रिया को विस्तार से लागू करने को कहा गया।

Pre-SIR और मौजूदा वोटर लिस्ट का होगा मिलान

नई व्यवस्था के तहत Booth Level Officers यानी BLO को SIR से पहले की मतदाता सूची और मौजूदा अंतिम मतदाता सूची का मिलान करना होगा।

इस दौरान उन मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार की जाएगी, जिनका नाम पुरानी सूची में था लेकिन मौजूदा सूची में नहीं है।

इसके बाद BLO ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति की पुष्टि करेंगे। अगर संबंधित व्यक्ति उसी क्षेत्र में रहता है और वोटर बनने के लिए पात्र है तो उसे Form 6 भरने में मदद की जाएगी।

हर BLO को सप्ताह में 20-25 मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य

आयोग ने BLO के लिए इस अभियान में एक तय लक्ष्य भी रखा है।

प्रत्येक BLO को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 ऐसे मतदाताओं को कवर करने को कहा गया है। पूरी verification exercise को करीब एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

घर-घर सत्यापन के दौरान यदि कोई नया पात्र मतदाता, 18 वर्ष पूरा कर चुका युवा या पहली बार वोटर बनने वाला व्यक्ति मिलता है, तो BLO उसके नामांकन के लिए भी Form 6 भरवाने में सहायता करेगा।

ASDD लिस्ट के बाद अब छूटे मतदाताओं पर फोकस

SIR के दौरान BLO ने ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार की थी, जिन्हें Absent, Shifted, Dead या Duplicate (ASDD) श्रेणी में रखा गया था।

इन सूचियों को पंचायत भवन, स्थानीय निकाय कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों के दफ्तरों में प्रदर्शित किया गया था और राज्य के CEO की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराया गया था। इसके बाद ड्राफ्ट रोल और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने पर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।

अब आयोग ने कहा है कि voter enrolment एक continuous process है और SIR पूरा हो जाने के बाद भी कोई पात्र नागरिक नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है।

राजनीतिक दलों के BLA को भी मिलेगी सूची

आयोग ने पारदर्शिता के लिए राजनीतिक दलों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने को कहा है।

BLO द्वारा तैयार की गई बूथवार सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के Booth Level Agents (BLA) के साथ साझा की जाएगी।

विशेष अभियान पूरा होने के बाद ERO एक बार फिर बूथवार सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराएंगे, ताकि यदि कोई पात्र मतदाता अब भी छूट गया हो तो उसे सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

बूथ स्तर पर लगेंगे विशेष कैंप

मतदाताओं के लिए Form 6 जमा करना आसान बनाने के उद्देश्य से बूथ स्तर पर विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे।

इसके अलावा नाइट शेल्टर, मजदूर कॉलोनियों, बेघर लोगों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्य वंचित समूहों तक पहुंचने के लिए अलग से help desks और special camps लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

पश्चिम बंगाल CEO ने भी दी जानकारी

पश्चिम बंगाल के Chief Electoral Officer के कार्यालय ने भी X पर इस फैसले की जानकारी साझा की।

CEO West Bengal ने कहा कि continuous updation प्रक्रिया के तहत DEO और ERO छूटे हुए पात्र मतदाताओं के साथ-साथ युवा और पहली बार वोटर बनने वालों के नाम जोड़ने के लिए special drive चलाएंगे।

Form 6 से ही होगा दोबारा नामांकन

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पुराने मतदाता सूची में नाम होने के आधार पर नाम अपने-आप मौजूदा सूची में वापस नहीं आएगा।

BLO पात्रता की जांच करेगा और संबंधित मतदाता को Form 6 भरना होगा। इसके बाद ERO Representation of the People Act, 1950 और Registration of Electors Rules, 1960 के तहत आवेदन पर निर्णय करेगा।

ECI ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में SIR समाप्त हो चुका है, वहां सामान्य statutory Form 6 का इस्तेमाल होगा। SIR के दौरान ऑनलाइन Form 6 में जो अतिरिक्त declaration जोड़ा गया था, वह non-SIR period में लागू नहीं होगा।

रोज होगी ड्राइव की मॉनिटरिंग

CEO, DEO और ERO स्तर पर इस अभियान की नियमित निगरानी की जाएगी। अधिकारियों को जागरूकता बढ़ाने के लिए SVEEP गतिविधियों, स्कूल-कॉलेज कार्यक्रमों, स्थानीय प्रचार और विशेष कैंप का इस्तेमाल करने को भी कहा गया है।

आयोग का कहना है कि इस कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता केवल SIR प्रक्रिया के दौरान छूट जाने के कारण मतदाता सूची से बाहर न रहे।

Exit mobile version