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महज 24 दिन का मुश्किल सफर तय कर कान्स में मचाई ‘आरजे बस्तर’ ने धूम

RJ Bastar'

न्यूज डेस्क: छतीसगढ़ जो सालों से नक्सलवाद के लिए जाना जाता है, अब वहां के युवा की आखों में नए सपने पनप रहे हैं। वह भी अब नई दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की ख्वाहिश पाल रहे हैं। ऐसे ही एक सपने की कहानी है आरजे बस्तर की। नक्सलवाद झेल रहे बस्तर की एक लड़की आरजे बनने का सपना देखती है और हर मुश्किल को पार करके वह आखिर आरजे बनती भी है। इस कहानी को सिनेमाई परदे पर बखूबी पेश किया है निर्देशक मनीष मानिकपुरी ने। महज 24 दिनों की दिन रात कड़ी मश्क्कत में बनी फिल्म ‘RJ बस्तर’ इन दिनों 79वें कान्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में धूम मचा रही है। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की कहानी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुकी है। कान्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग की गई, जिसके बाद यह फिल्म वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। फिल्म में एक आदिवासी युवती के रेडियो जॉकी बनने के सपने और उसके संघर्ष को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाया गया है। फिल्म का निर्देशन मनीष मानिकपुरी ने किया है, जबकि इसे पीकेएस प्रोडक्शन बैनर तले पवन कुमार सिंह ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म की कहानी बस्तर की सामाजिक परिस्थितियों, संघर्ष और बदलती सोच को करीब से दिखाती है।

कान्स में मिली खास पहचान

फिल्म को वहां मौजूद दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। गौरतलब है कि कान्स फिल्म फेस्टिवल 12 मई से 23 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह मंच दुनियाभर की अलग और प्रभावशाली फिल्मों को पहचान दिलाने के लिए जाना जाता है ‘RJ बस्तर’ एक ऐसी आदिवासी युवती की कहानी है, जो सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद रेडियो जॉकी बनने का सपना देखती है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह वह तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश करती है। फिल्म का अधिकांश हिस्सा बस्तर के वास्तविक लोकेशनों पर शूट किया गया है, जिससे इसकी कहानी और भी जीवंत नजर आती है।

चक दे फेम चित्राशी रावत ने जीता दिल

फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है चक दे फेम चित्राशी रावत ने। अपनी पहली ही फिल्म से उन्होंने यह बात दिया था कि वह एक मंझी हुई कलाकार हैं। आरजे बस्तर ने उन्हें एक बार फिर से लाइम लाइट में ला दिया है। उनके साथ फिल्म में लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत से चर्चित अभिनेता चंदन रॉय हैं। इनके अलावा नेहा साहू, हर्ष राजपूत, संजय महानंद, सुनील तिवारी, पुष्पेंद्र सिंह, पवन कुमार गुप्ता, संगीता निषाद, आरती नागरे, अनुनेय शर्मा और आशीष झा जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म के गानों को मशहूर सिंगर्स शान, कृष्णा बेउरा और अनुराग शर्मा ने अपनी आवाज दी है. फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर पूनम सिंह हैं, जबकि स्वाति मानिकपुरी ने एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की जिम्मेदारी संभाली है।

शूटिंग के साथ बीमारी से लड़ रहे थे मनीष मानिकपुरी

फिल्म की शूटिंग महज 24 दिनों में पूरी हुई, जबकि इसी दौरान मनीष मानिकपुरी हर दूसरे दिन डायलिसिस से गुजर रहे थे। दिनभर कैमरे और कलाकारों के बीच शूटिंग चलती थी तो रात अस्पताल और मशीनों के सहारे बीतती थी। उन्होंने बताया कि बस्तर शेड्यूल के दौरान जगदलपुर में डायलिसिस की व्यवस्था की गई थी। शाम को शूटिंग खत्म होने के बाद 2 से 3 घंटे का सफर तय कर वे रात 10 बजे डायलिसिस के लिए पहुंचते थे। रात 1 बजे प्रक्रिया खत्म होती, फिर बेस कैंप लौटते-लौटते 3 बजे जाते और सुबह 5 बजे फिर शूटिंग कॉल टाइम होता था। अपने मजबूत सामाजिक संदेश और प्रेरणादायक कहानी के कारण आरजे बस्तर को देश के आदिवासी और ग्रामीण युवाओं की आवाज माना जा रहा है। कान्स फिल्म फेस्टिवल में मिली सराहना के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच उत्साह और बढ़ गया है।

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