दीपावली पर 27 साल बाद सूर्य ग्रहण लग रहा है। ऐसी स्थिति आज से 27 साल पहले 1995 में बनी थी। जब दीपावली के दिन सूर्य ग्रहण लगा था। इस बार एक महीने के भीतर ही सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों लग रहे हैं। 24 अक्तूबर को शाम 5:04 बजे से अमावस्या तिथि आरंभ होकर 25 अक्तूबर मंगलवार की शाम 4:35 मिनट तक रहेगी। ज्योतिषाचार्यों की माने तो 25 अक्तूबर मंगलवार को सूर्यग्रहण का नजारा दिखाई देगा। कार्तिक माह के आखिरी दिन पूर्णिमा गंगा स्नान पर 8 नवंबर मंगलवार को दोपहर 2:39 से शाम 6:19 तक चंद्रग्रहण लगेगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 24 अक्तूबर को दीपावली पर्व और 25 अक्तूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा।
सूर्य ग्रहण के कारण दिवाली पूजन व गोवर्धन पूजा में एक दिन का अंतर पड़ रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन खास रहेगा। इससे पहले 30 अप्रैल को सूर्य ग्रहण लगा था। लेकिन वो भारत देश में नहीं दिखा। खगोल वैज्ञानिक के अनुसार भारत से दिखाई देने वाला बड़ा सूर्य ग्रहण 21 मई 2031 को होगा। जो वलयाकार ग्रहण होगा। इसके तीन साल बाद 20 मार्च 2034 को पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत से दिखेगा।
सूर्यग्रहण और सूतक काल के चलते 25 अक्तूबर को किसी प्रकार के पूजा पाठ नहीं होंगे। मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सूर्यग्रहण सूतक 12 घंटे पहले से आरंभ होता है। सूर्यग्रहण की इस अवधि के दौरान बूढ़े, बच्चे और बीमार लोगों को ग्रहण से तीन घंटे पहले खाना खाना चाहिए। ग्रहण अवधि में मंत्र जाप ध्यान और भगवान का कीर्तन करना चाहिए। इस समय दान पुण्य करना चाहिए। सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद पूजास्थल और घर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धि करण करें।
भारतीय समय के अनुसार 25 अक्तूबर को ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 2:29 पर होगा। ग्रहण का मध्य 4:30 सांय ग्रहण और समाप्ति 6:32 सांय अरब सागर में खत्म होगा। ग्रहण शाम 4:30 पर अपने चरम पर रहेगा। ग्रहण की अवधि चार घंटा तीन मिनट की होगी। इसी समय ग्रहण देश में दिखना शुरू हो जाएगा।
